
फिरौती, धमकी, मर्डर या ठगी-तस्करी कर करोड़ों कमाने वाले बदमाशों की अब खैर नहीं। राजस्थान पुलिस ने काली कमाई से अमीर बने लॉरेंस, रोहित गोदारा और आनंदपाल जैसी गैंग से जुड़े 636 हार्डकोर क्रिमिनल की पूरी कुंडली तैयार कर ली है।

इन बदमाशों की अब तक 220 करोड़ की अवैध प्रॉपर्टी का पता लगा लिया है। इनमें बदमाशों के फार्महाउस, बंगले, लग्जरी कारें और कब्जा की हुई सरकारी जमीनें शामिल हैं।
खास बात ये है कि जनवरी से लेकर 55 बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई भी हो चुकी है। संडे बिग स्टोरी में पढ़िए- कैसे पहली बार प्रदेश में एक साथ अपराधियों पर शिकंजा कसने की तैयारी है?
दरअसल, राजस्थान पुलिस ने 636 हार्डकोर अपराधियों की एक लिस्ट तैयार की है। इस लिस्ट को सभी जिला एसपी के साथ शेयर किया है। इन बदमाशों का किसी भी जिले में प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड मिलता है तो उसकी जानकारी संबंधित थाने तक पहुंचाई जा रही है, जहां उसकी हिस्ट्रीशीट खुली हुई है।
पुलिस मुख्यालय का दावा है कि आने वाले एक-दो सप्ताह में अवैध प्रॉपर्टी का यह आंकड़ा बढ़कर 300 करोड़ तक हो सकता है।

लॉरेंस-रोहित-आनंदपाल जैसी गैंग के बदमाशों पर नजर
एडीजी क्राइम विपिन कुमार पांडे ने बताया कि पहली बार बदमाशों के खिलाफ पूरे प्रदेश में एक साथ कार्रवाई की जा रही है। गैंग से जुड़े बदमाश, नशा तस्कर, हथियार तस्कार, शराब तस्कर रडार पर हैं।
जो 636 अपराधियों की लिस्ट तैयार की है, उनमें लॉरेंस, रोहित गोदारा, आनंदपाल जैसी गैंग से जुड़े बदमाश भी शामिल हैं। वहीं, साइबर ठगी को अंजाम देकर काली कमाई करने वाले गैंगस्टरों पर भी शिकंजा कसा जाएगा।
हार्डकोर अपराधी : वह बदमाश जो कई बार संगीन अपराध कर लोगों में दहशत फैला कर इलाके में अपना डर पैदा करना चाहते हैं।
हिस्ट्रीशीटर : बार-बार संगीन अपराध करने वालों के खिलाफ।
नशा तस्कर : लोगों तक नशे की खेप पहुंचाने, नशे की सप्लाई करने, नशे का परिवहन करने, नशा बेचने वालों पर कार्रवाई होगी
हथियार तस्कर : गैर कानूनी हथियारों का उपयोग करने, हथियारों की सप्लाई करने, बेचने और खरीदने वालों पर एक्शन होगा।
शराब तस्कर : एक राज्य से दूसरे राज्य में शराब सप्लाई करने वाले बदमाशों पर एक्शन लिया जाएगा।

बदमाशों की संपत्ति का रिकॉर्ड कैसे हो रहा तैयार?
पुलिस अपराधी की आर्थिक स्थिति का पता लगाने के लिए अलग-अलग विभागों से जानकारी जुटा रही है। जैसे- राजस्व विभाग से बदमाश के नाम जमीन या कृषि भूमि होने का रिकॉर्ड निकाला जाता है, जिससे पता चलता है कि खुद के नाम से कितनी संपत्ति है।
इसके बाद पुलिस टीम अपराधी के मकान और व्यावसायिक भवन की जांच कराती है।
अपराधी का बैंक रिकॉर्ड लिया जाता है, जिससे उसके खातों से हुए लेनदेन का पता चलता है।
बैंक में उसके लॉकर कितने हैं, वहीं दूसरे सोर्स से उसकी अन्य संपत्ति का ब्योरा जुटाया जाता है।
पुलिस इस दौरान बदमाश के परिवार और सहयोगियों के नाम से अर्जित संपत्तियों की भी जांच कर रही है।

गोल्डी बराड़, लॉरेंस और रोहित गोदारा जैसे गैंगस्टर के साथ काम करने वाले बदमाशों की अवैध कमाई से बनाई प्रॉपर्टी पर भी पुलिस की नजर है।
अब तक 55 कार्रवाई, झालावाड़ सबसे आगे
अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए पुलिस ने अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई तेज कर दी है। प्रदेश में 1 जनवरी 2026 से 1 सितंबर 2026 तक 55 जगह कार्रवाई की जा चुकी है। इन कार्रवाई में बदमाशों की 35 करोड़ रुपए से ज्यादा की अवैध संपत्तियां ध्वस्त की गई।
इस मामले में झालावाड़ जिला सबसे आगे है। यहां 12 कार्रवाई में अपराधियों की 23 करोड़ की प्रॉपर्टी ध्वस्त कराई गई है।
आइए, समझते हैं कैसे कसा जा रहा शिकंजा
1. अजमेर : 3 करोड़ की प्रॉपर्टी पर कब्जा करके बैठा था हिस्ट्रीशीटर

बांदरसिंदरी थाना क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर खुशीराम जाट उर्फ खुशीराम फौजी के खिलाफ 10 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं।
अजमेर के बांदरसिंदरी में पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर खुशीराम फौजी की कब्जाई करीब 25 बीघा सरकारी भूमि से कब्जा हटवाया। एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया- खुशीराम हार्डकोर अपराधी है। उसके खिलाफ मारपीट, अपहरण, चोरी, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट समेत गंभीर धाराओं में कुल 11 प्रकरण दर्ज हैं। उसने पिता रघुनाथ और चाचा भगवान के साथ मिलकर कब्जा किया था, जिसकी बाजार कीमत करीब 3 करोड़ रुपए है।
2. बीकानेर : रोहित गोदारा के बदमाश ने बना रखी थी आलीशान कोठी
गैंगस्टर रोहित गोदारा से जुड़े हरिओम रामावत के खिलाफ पुलिस-प्रशासन ने अवैध निर्माण और संपत्ति के हिस्से को तोड़ने के साथ उसे सीज भी किया। पुलिस के अनुसार, हरिओम रामावत रोहित गोदारा के लिए काम करता था। रामावत के खिलाफ लूट, डकैती, हत्या के प्रयास, फिरौती सरीखे 15 से ज्यादा संगीन मामले दर्ज हैं। हरिओम की कृषि भूमि, मकान और वाहनों को जब्त भी किया है।

गैंगस्टर रोहित गोदारा का खास गुर्गा हरिओम रामावत बीकानेर के गंगाशहर थाने का हिस्ट्रीशीटर है।
बीएनएसएस की धारा-107 का इस्तेमाल कर रही पुलिस
देश में जुलाई 2024 से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) लागू हुई, जिसके बाद पुलिस बदमाशों पर धारा 107 का उपयोग कर रही है। धारा 107 का उद्देश्य अपराधियों को केवल जेल भेजना ही नहीं, बल्कि उनकी आर्थिक शक्ति को समाप्त कर उन्हें पूरी तरह कमजोर करना है। पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में सभी जिलों को एसओपी जारी की है ताकि जमीनी स्तर पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।








