
टोंक जिले में पंचायती राज चुनावों की घोषणा के साथ ही सरगर्मियां तेज हो गई हैं। प्रशासन द्वारा 31 जिला परिषद सदस्यों, 8 पंचायत समितियों के 160 सदस्यों और 282 सरपंचों व वार्ड पंचों के चुनाव के लिए विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया गया है। जिले में कुल 8 लाख 22 हजार मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे

ईवीएम और बैलेट पेपर दोनों से होगा मतदान चुनाव प्रक्रिया में इस बार दो अलग-अलग पद्धतियों का उपयोग किया जाएगा। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों का चुनाव ईवीएम (EVM) मशीन के माध्यम से होगा, जबकि सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए मतदान बैलेट पेपर (मतपत्र) द्वारा कराया जाएगा। चुनाव संपन्न होने और मतगणना के बाद जिला प्रमुख एवं प्रधान पदों के लिए मतदान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

50% आरक्षण से 148 महिला सरपंच और 4 प्रधान बनेंगी महिला सशक्तिकरण की दिशा में इस बार टोंक जिले में 50% आरक्षण व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत जिले की 282 ग्राम पंचायतों में से 148 पंचायतों में महिला सरपंच चुनी जाएंगी। इसके अलावा, जिले की 8 पंचायत समितियों में से 4 सीटों पर महिला प्रधान काबिज होंगी, जिनमें अनुसूचित जाति (SC) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की महिलाएं शामिल हैं। बता दें कि टोंक जिला प्रमुख का पद पहले ही एससी (SC) महिला के लिए आरक्षित किया जा चुका है।
नई बनी पचेवर पंचायत समिति में पहली बार चुनाव जिले में इस बार पचेवर के रूप में नई पंचायत समिति का गठन किया गया है, जिसके बाद अब कुल 8 पंचायत समितियां हो गई हैं। पचेवर पंचायत समिति में पहली बार ही प्रधान की सीट एससी महिला के लिए आरक्षित की गई है।
लॉटरी के 8 दिन बाद जारी हुआ शेड्यूल आरक्षण स्थिति स्पष्ट करने के लिए गत 23 सितंबर को जिला मुख्यालय पर 31 जिला परिषद और 8 प्रधान पदों की लॉटरी निकाली गई थी। इसके अगले दिन, 24 सितंबर को उपखंड स्तर पर 282 सरपंच और वार्ड पंच पदों की लॉटरी संपन्न हुई। आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के ठीक 8 दिन बाद निर्वाचन विभाग द्वारा चुनावी शेड्यूल जारी कर दिया गया है।





