6 दिन से भर्ती महिला के गर्भस्थ शिशु की मौत:अलवर में जनाना अस्पताल में परिवार ने किया हंगामा; डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप

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अलवर के जनाना हॉस्पिटल में भर्ती एक महिला के गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। इस पर परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया।

यह मामला सोमवार दोपहर 12 बजे का है। प्रभारी डॉ. टेकचंद ने बताया- गोविंदगढ़ कस्बे की रहने वाली संतोष को 11 अगस्त को प्रसव पीड़ा के दौरान भर्ती किया था। डॉक्टरों की ओर से सोमवार को ऑपरेशन की तैयारी की जा रही थी। डॉक्टर ने जांच की तो बच्चे की धड़कन नहीं मिली। इस पर महिला का ऑपरेशन कर मृत शिशु को बाहर निकाल लिया गया है।

जानकारी के अनुसार- गोविंदगढ़ कस्बे के सीताराम मंदिर के रहने वाले विशाल ने अपनी पत्नी संतोष को प्रसव पीड़ा होने पर 11 अगस्त को जनाना हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। परिजनों के मुताबिक- डॉक्टरों ने जांच के बाद 13 अगस्त के आसपास प्रसव होने की संभावना जताई थी। इस पर हम सामान्य प्रसव का इंतजार करते रहे।

जनाना हॉस्पिटल के प्रभारी डॉ टेकचंद ने जांच के आदेश दिए हैं।

जनाना हॉस्पिटल के प्रभारी डॉ टेकचंद ने जांच के आदेश दिए हैं

आरोप- 13 से 16 अगस्त तक डॉक्टरों ने नहीं किया इलाज

विशाल का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान पत्नी संतोष को प्रसव पीड़ा बाद में बंद हो गई। परिवार ने कई बार डॉक्टरों से ऑपरेशन के जरिए सुरक्षित प्रसव कराने का आग्रह किया, लेकिन 13 अगस्त से 16 अगस्त तक डॉक्टरों ने कोई निर्णय नहीं लिया। परिजनों के अनुसार- 14 अगस्त को संतोष को हल्का बुखार भी आया था, जो बाद में ठीक हो गया।

सोनोग्राफी कराई तो शिशु की धड़कन बंद मिली

अस्पताल के प्रभारी डॉ. टेकचंद ने बताया- डॉक्टरों ने सोमवार को संतोष की जांच की तो गर्भस्थ शिशु की धड़कन नहीं मिली। इसके बाद सोनोग्राफी कराई गई, जिसमें गर्भस्थ शिशु की मौत की पुष्टि हुई। जानकारी मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और उन्होंने डॉक्टरों पर समय रहते इलाज नहीं करने तथा ऑपरेशन नहीं करने का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया। अस्पताल स्टाफ ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बच्चे की मौत से दुखी परिवार अपनी नाराजगी जताता रहा।

अस्पताल प्रशासन ने दिए जांच के आदेश

प्रभारी डॉ. टेकचंद ने बताया- संतोष को 11 अगस्त को प्रसव पीड़ा के दौरान भर्ती किया गया था। उन्होंने बताया- महिला को टाइफाइड की शिकायत थी और उसका ब्लडप्रेशर भी बढ़ा हुआ था। डॉक्टरों की ओर से ऑपरेशन की तैयारी की जा रही थी। ड्यूटी डॉक्टर ने जांच की तो बच्चे की धड़कन नहीं मिली।

डॉ. टेकचंद ने कहा- पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इलाज के दौरान किसी स्तर पर चिकित्सकीय लापरवाही हुई या नहीं।

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