
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में आंवले का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “यह फल भारतीय घरों की परंपरा का हिस्सा है और हमारे पूर्वज पीढ़ियों से इसके गुणों की चर्चा करते आए हैं।”

आंवला भारतीय भोजन, संस्कृति और चिकित्सा पद्धति का अभिन्न हिस्सा है। एक लोककथा के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान अमृत की कुछ बूंदें धरती पर गिरी थीं और उसी से आंवले का वृक्ष पैदा हुआ। यह कथा भले पौराणिक हो, लेकिन पोषण के मामले में आंवला सचमुच किसी अमृत से कम नहीं है।
आंवले का एक पेड़ 65-70 साल तक फल दे सकता है। यह छोटा-सा फल पेक्टिन, एंटीऑक्सिडेंट्स और विटामिन-C से भरपूर होता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, एक आंवले में 3 संतरे या 16 केले से ज्यादा विटामिन-C होता है। यही वजह है कि इसे विटामिन-C का पावरहाउस कहा जाता है।
इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में आंवला के हेल्थ बेनिफिट्स पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
सवाल- आंवला खाने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
जवाब- आंवला खाने का कोई एक ‘परफेक्ट’ तरीका नहीं है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप इसे कितनी आसानी से अपनी डाइट में शामिल कर पाते हैं। पॉइंटर्स से समझिए-
- पोषण के लिहाज से ताजा कच्चा आंवला सबसे अच्छा माना जाता है।
- अगर कच्चा आंवला खाना पसंद नहीं है, तो इसका ताजा जूस भी पी सकते हैं।
- आंवले को सलाद, चटनी, अचार या पाउडर के रूप में भी खाया जा सकता है।
- आंवले का मुरब्बा और कैंडी बनाकर भी खा सकते हैं।
सवाल- कच्चा आंवला ज्यादा फायदेमंद है या आंवला जूस?
जवाब- दोनों के अपने फायदे हैं, लेकिन पोषण के लिहाज से कच्चा आंवला बेहतर माना जाता है। इसकी वजह यह है कि कच्चा आंवला खाने पर शरीर को फाइबर, विटामिन-C और अन्य पोषक तत्व प्राकृतिक रूप में मिलते हैं।
वहीं आंवला जूस से भी विटामिन-C और एंटीऑक्सिडेंट्स मिलते हैं, लेकिन जूस बनाने के दौरान फाइबर की मात्रा थोड़ी कम हो जाती है। ग्राफिक में दोनों के बीच का फर्क देखिए-

सवाल- आंवला, मुरब्बा, कैंडी और पाउडर में सबसे बेहतर क्या है?
जवाब- पॉइंटर्स से समझिए-
- अगर पोषण के आधार पर तुलना करें, तो ताजा आंवला सबसे बेहतर विकल्प है। इसमें फाइबर, विटामिन-C और अन्य पोषक तत्व प्राकृतिक रूप में मौजूद रहते हैं।
- इसके बाद आंवला पाउडर भी अच्छा विकल्प है। यह लंबे समय तक स्टोर किया जा सकता है और आसानी से डाइट में शामिल किया जा सकता है। हालांकि सुखाने और प्रोसेसिंग के दौरान कुछ पोषक तत्वों की मात्रा कम हो सकती है।
- आंवला मुरब्बा और आंवला कैंडी स्वाद के लिहाज से लोकप्रिय हैं। लेकिन इनमें अक्सर काफी मात्रा में चीनी मिलाई जाती है।
सवाल- एक दिन में कितना आंवला खाना चाहिए?
जवाब- हेल्थ एक्सपर्ट्स आमतौर पर एक स्वस्थ व्यक्ति को रोज 1 से 2 ताजा आंवला खाने की सलाह देते हैं। इतनी मात्रा में आंवला खाने से शरीर को विटामिन-C, फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट्स मिल जाते हैं।
सवाल- क्या खाली पेट आंवला खाना ठीक है?
जवाब- अगर खाली पेट आंवला खाने से कोई परेशानी नहीं होती है, तो इसे सुबह खाया जा सकता है। लेकिन अगर पेट में जलन, एसिडिटी या असुविधा महसूस हो, तो इसे भोजन के साथ या बाद में खाना बेहतर है।
सवाल- क्या डायबिटीज के मरीज आंवला खा सकते हैं?
जवाब- हां, आंवला में कम कैलोरी होती है, फाइबर होता है और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी बहुत कम है। यही वजह है कि इसे डायबिटीज-फ्रेंडली फूड्स में गिना जाता है।

आंवला को लेकर बड़े दावे, कितने सच?
सवाल- क्या रोज आंवला खाने से सफेद बाल काले हो जाते हैं?
जवाब- नहीं, ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि रोज आंवला खाने से सफेद बाल दोबारा काले हो जाते हैं। यह एक बहुत लोकप्रिय दावा है, लेकिन बालों का रंग मेलेनिन नाम के पिगमेंट से तय होता है।
सवाल- क्या आंवला खाने से चश्मा उतर सकता है?
जवाब- नहीं, यह एक आम धारणा है। चश्मा आमतौर पर आंखों के स्ट्रक्चर में बदलाव या विजन डिफेक्ट जैसे मायोपिया (नजदीक का चश्मा), हाइपरोपिया (दूर का चश्मा) और एस्टिग्मैटिज्म की वजह से लगता है। आंवला खाने से इन समस्याओं को ठीक नहीं किया जा सकता।
सवाल- क्या आंवला वजन कम करता है?
जवाब- वजन घटाने के लिए सिर्फ आंवला खाना काफी नहीं है। हालांकि, यह कम कैलोरी वाला और फाइबर से भरपूर फल है। लेकिन हम ये नहीं कह सकते कि सिर्फ आंवला खाने से वजन कम हो जाएगा। सिर्फ संतुलित डाइट और एक्सरसाइज के साथ इसका सेवन फायदेमंद हो सकता है।
सवाल- क्या आंवला फैटी लिवर ठीक कर देता है?
जवाब- नहीं, आंवला फैटी लिवर को ठीक नहीं करता और न ही यह इस बीमारी का इलाज है।
सवाल- क्या आंवला कैंसर से बचाता है?
जवाब- आंवला में विटामिन-C और एंटीऑक्सिडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद करते हैं।
हालांकि, ऐसा कोई मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि आंवला खाने से कैंसर नहीं होगा या इससे कैंसर का इलाज किया जा सकता है। इसलिए आंवला कैंसर से बचाव की गारंटी नहीं, बल्कि एक हेल्दी डाइट का हिस्सा है।
सवाल- क्या आंवला खाने से एजिंग स्पीड कम हो जाती है?
जवाब- ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि आंवला खाने से उम्र का बढ़ना रुक जाता है या व्यक्ति लंबे समय तक जवान बना रहता है। उम्र बढ़ना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिस पर आनुवंशिकता, खानपान, नींद, शारीरिक गतिविधि और जीवनशैली का भी असर पड़ता है।
सवाल- क्या आंवला से शरीर को डिटॉक्स किया जा सकता है?
जवाब- नहीं, हेल्दी लिवर और किडनी ही शरीर को नेचुरली डिटॉक्स करने का काम करते हैं।






