
गिरफ्तार किए गए 42 साइबर ठगों से पांच कारे , बाइक, लैपटॉप समेत कई सामान जब्त किए है।
टोंक पुलिस ने अगस्त में साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 31 मामले दर्ज कर 42 आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई में 5 कार, 3 बाइक, 1 लैपटॉप, 47 मोबाइल फोन, 5 एटीएम कार्ड, 3 बैंक पासबुक, 2 चेकबुक, 1 अन्य कार्ड और 65 हजार 300 रुपए बरामद किए गए। जांच में गिरफ्तार साइबर ठगों की ओर से सैकड़ों लोगों से करीब 10 करोड़ रुपए की ठगी करने की बात सामने आई है। पुलिस ने 92 मोबाइल और 109 IMEI ब्लॉक करवाने के साथ 35 अपराधियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी ऑनलाइन किया।

टोंक एसपी रोशन मीना ने बताया- अगस्त महीने में साइबर ठगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है।
42 साइबर आरोपी गिरफ्तार: एसपी रोशन मीना ने बताया- एक महीने में साइबर अपराध के 31 मामले दर्ज कर 42 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान 5 कार, 3 बाइक, 1 लैपटॉप और साइबर अपराध से संबंधित 47 मोबाइल फोन बरामद किए गए। इसके अलावा 5 एटीएम कार्ड, 3 बैंक पासबुक, 2 चेकबुक और 1 अन्य कार्ड भी जब्त किया गया। आरोपियों के कब्जे से 65 हजार 300 रुपए भी बरामद किए गए।
सैकड़ों लोगों से करीब 10 करोड़ की ठगी: गिरफ्तार साइबर ठगों ने सैकड़ों लोगों से करीब 10 करोड़ रुपए की ठगी की है। दर्ज प्रकरणों में सामने आई कुल फ्रॉड राशि 1 करोड़ 20 लाख 7 हजार 406 रुपए है। वहीं, NCRP पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर 6 लाख 64 हजार 883 रुपए की साइबर ठगी की राशि से संबंधित कार्रवाई भी की गई।
201 मोबाइल और IMEI पर कार्रवाई: साइबर अपराध में इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल नंबर और IMEI के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। पुलिस ने 92 मोबाइल और 109 IMEI को ब्लॉक करवाया। इस तरह कुल 201 मोबाइल नंबर/IMEI पर कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान साइबर अपराधियों के पास से 47 मोबाइल फोन भी बरामद किए गए।
35 अपराधियों का रिकॉर्ड ऑनलाइन किया: साइबर अपराधियों की गतिविधियों पर निगरानी रखने और उनके रिकॉर्ड को मजबूत करने के लिए 35 अपराधियों का आपराधिक रिकॉर्ड ऑनलाइन किया गया। अगस्त में की गई इस कार्रवाई के तहत साइबर अपराध के मामलों में गिरफ्तार आरोपियों से वाहन, मोबाइल, बैंकिंग से जुड़े दस्तावेज और नकदी बरामद करने के साथ साइबर ठगी में इस्तेमाल मोबाइल नंबर और IMEI को भी ब्लॉक करवाया गया।





