
जयपुर के प्रसिद्ध गायक रंजीत रजवाड़ा ने लॉयड्स ऑफ लंदन की ऐतिहासिक ओल्ड लाइब्रेरी में प्रस्तुति दी। वहां प्रस्तुति देने वाले गायक रंजीत रजवाड़ा पहले भारतीय गायक बने हैं। दक्षिण एशियाई विरासत माह के अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में रंजीत रजवाड़ा ने भारतीय संगीत और गजलों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
लॉयड्स ऑफ लंदन जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के परिसर में पहली बार किसी भारतीय गायक की गजल प्रस्तुति को भारतीय संगीत और सांस्कृतिक विरासत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।
रंजीत रजवाड़ा का ‘यूके टूर 2026 – ए जर्नी थ्रू गजल्स’ 14 दिनों तक चला।

रंजीत रजवाड़ा प्रस्तुति देते हुए।
14 दिनों में चार शहर, सात म्यूजिक प्रोग्राम
रंजीत रजवाड़ा का ‘यूके टूर 2026-ए जर्नी थ्रू गजल्स’ 14 दिनों तक चला। इस दौरान उन्होंने लंदन, चेल्म्सफोर्ड, ब्रिस्टल और बर्मिंघम सहित चार शहरों में कुल सात म्यूजिक प्रोग्राम में प्रस्तुति दी। दौरे के दौरान 1500 से अधिक संगीत प्रेमियों ने उनकी गजलों का आनंद लिया। वहीं उनकी टीम ने इस संगीत यात्रा के दौरान करीब 2000 मील का सफर तय किया।

रंजीत रजवाड़ा ने भारतीय संगीत और गजलों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
चेल्सी थिएटर से शुरू हुई संगीत यात्रा
रंजीत रजवाड़ा के यूके दौरे की शुरुआत लंदन के चेल्सी थिएटर में आयोजित ‘महफिल-ए-इंडीबेदी’ से हुई। कार्यक्रम में उन्होंने अपनी गजल गायकी से दर्शकों को प्रभावित किया। इसके बाद चेल्म्सफोर्ड में ‘एन इवनिंग विद रंजीत राजवाड़ा’ कार्यक्रम आयोजित हुआ। ईस्ट लंदन स्थित लायंस क्लब में उनकी प्रस्तुति हुई। वहीं दक्षिण एशियाई विरासत माह के अवसर पर लॉयड्स बिल्डिंग में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसी ऐतिहासिक मंच पर रंजीत रजवाड़ा ने भारतीय गजलों की प्रस्तुति दी।
इसके बाद ब्रिस्टल में आयोजित कॉरपोरेट कार्यक्रम, लंदन के हैरो आर्ट्स सेंटर में सोलजैम की ओर से आयोजित कार्यक्रम और बर्मिंघम के ओल्डबरी में आयोजित ‘एन इवनिंग ऑफ गजल्स विद रंजीत रजवाड़ा’ के साथ पूरी हुई।
‘प्रिंस ऑफ गजल्स’ के नाम से पहचाने जाने वाले रंजीत राजवाड़ा का उद्देश्य गजल के माध्यम से भारतीय संगीत और संस्कृति को दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाना है। रंजीत रजवाड़ा के इस अंतरराष्ट्रीय दौरे के प्रमोटर एवं प्रबंधक हंसदीप सिंह और सिफत इवेंट्स रहे।






