
घटना दोपहर 1:30 बजे की है। स्थानीय लोग हथौड़े से मलबा हटाने की कोशिश कर रहे हैं।
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 5 मंजिला हॉस्टल की बिल्डिंग रविवार दोपहर 1.30 बजे गिर गई। करीब 40-50 साल पुरानी बिल्डिंग में के बेसमेंट में पिछले 3 दिनों से काम चल रहा था।
इमारत दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास है। इसमें ज्यादातर स्टूडेंट्स रहते हैं, जो हादसे के वक्त सो रहे थे। हादसे के बाद स्थानीय लोग रेस्क्यू में जुट गए।
तस्वीरों में देखिए हादसे के बाद के हालात…
इमारत गिरी, चारों तरफ बिखरा मलबा

हादसे के तुरंत बाद चारों तरफ मलबा बिखर गया। एक आदमी धूल के बीच खड़ा दिख रहा है।

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर 1.30बजे 5 मंजिला बिल्डिंग ढह गई। यहां बॉयस हॉस्टल चलता था।

इमारत के मलबे में कई कार और दूसरे वाहन दब गए। कारें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुई हैं।

मलबे में दबी कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। कार को क्रेन से जरिए हटाया गया।

मलबे में दबी कारों को जेसीबी से हटाया गया। 4 से ज्यादा कारें क्षतिग्रस्त हुई हैं।

जब इमारत ढही तब मलबे से लोगों को बाहर निकालने में स्थानीय लोग भी जुट गए।

मलबे में लोगों को ढूंढती रेस्क्यू टीम और दिल्ली पुलिस के जवान।

मलबे को हटाने के लिए जेसीबी का उपयोग किया जा रहा है। स्थानीय लोग भी मदद में जुटे हैं।

मलबे में दबा एक युवक। उसके ऊपर इमारत की छत का बड़ा सा हिस्सा गिरा।

मौके पर मौजूद एक युवक ने दैनिक भास्कर से कहा कि मलबे में उसका दोस्त दबा हुआ है। उसने कॉल करके कहा कि मुझे बचा लो।

मलबे में दबे युवक को बाहर निकालकर एंबुलेंस की ओर ले जाते लोग और रेस्क्यू टीम।

मलबे से रेस्क्यू युवक को ले जाती एनडीआरएफ टीम। रविवार होने के चलते ज्यादातर छात्र बिल्डिंग में ही मौजूद थे।

बिल्डिंग गिरने के हादसे में 2 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। 7 से ज्यादा लोग रेस्क्यू हुए।

स्थानीय लोगों ने बताया कि इमारत के बेसमेंट में काम चल रहा था। इसी दौरान हादसा हुआ।

NDRF और फायर टीम ने मलबे से एक युवक का रेस्क्यू किया। उसे तुरंत ही कपड़े से ढंक कर अस्पताल ले जाया गया।

स्थानीय और छात्र मलबा हटाने में रेस्क्यू टीम की मदद कर रहे हैं।






