
निवाई उपखंड क्षेत्र के सिरस में श्रावण मास के उपलक्ष्य में विभिन्न धार्मिक आयोजनों का आयोजन किया गया। श्योसिंहपुरा स्थित योगेश्वर महादेव मंदिर में विशाल कलश यात्रा, कावड़ यात्रा और सहस्त्र घट का आयोजन हुआ। इसके साथ ही, शिवसागर तालाब शिवाड़ से एक अन्य कावड़ यात्रा वजीराबाद पहुंची। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिससे वातावरण ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंज उठा।
पूजा-अर्चना के बाद गाजे बाजे के साथ कलश यात्रा निकाली गई
मंदिर समिति के संचालक नाथूलाल नाथ ने बताया- सहस्त्र घट आयोजन के लिए छीला वाले बालाजी मंदिर से पूजा-अर्चना के बाद गाजे-बाजे के साथ कलश यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में 105 महिलाएं नए और सुंदर परिधानों में सिर पर कलश धारण कर शामिल हुईं। मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया। महिलाएं और बालिकाएं डीजे पर बज रहे भजनों पर नृत्य करती हुई चल रही थीं। यह यात्रा सिरस रोड से होते हुए गांव के मुख्य मार्गों से गुजरी और योगेश्वर महादेव मंदिर पहुंची, जहां आचार्य सीताराम दाधीच ने पूजा-अर्चना कर कलशों की स्थापना करवाई।
कांवड़ियों का किया स्वागत
इसी दौरान, एकलिंग नाकेश्वर महादेव मंदिर के कुंड से जल भरकर कावड़ यात्री योगेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे। कावड़ यात्रा संचालक राकेश योगी ने जानकारी दी कि पूजा-अर्चना के बाद यात्रा रवाना हुई। श्योसिंहपुरा पहुंचने पर ग्रामीणों ने कावड़ियों का माला पहनाकर स्वागत किया। मंदिर पहुंचने पर मंत्रोच्चारण के साथ कावड़ के जल से भगवान शिव का अभिषेक किया गया। इसके बाद सहस्त्र घट में श्रद्धालुओं ने शिवजी का जलाभिषेक किया और भगवान की झांकी सजाकर महाआरती की गई।
जगह-जगह हुआ यात्रा का स्वागत
वहीं, पूर्व सीआर रामेश्वर मीणा के अनुसार, शिवसागर तालाब शिवाड़ से एक और कावड़ यात्रा मेहताबपुरा, रेलवे स्टेशन, श्योसिंहपुरा और मौजा होते हुए वजीराबाद पहुंची। ग्रामीणों ने इस यात्रा का भी स्वागत किया। वजीराबाद के शिव मंदिर में कावड़ के जल से भगवान शिव का महाभिषेक किया गया। इस दौरान ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से पूरा शिवालय गूंज उठा।





