
उपखंड क्षेत्र के नवरंगपुरा गांव में बिजली विभाग की घोर लापरवाही सामने आई है। यहां बैरवा मोहल्ले में ओवरलोड की समस्या दूर करने के लिए विभाग ने छह महीने पहले एक नई डीपी (ट्रांसफार्मर) स्थापित की थी। हालांकि, विभाग उपभोक्ताओं के कनेक्शन इससे जोड़ना भूल गया। तीन महीने पहले आए आंधी-तूफान में यह बिना चालू हुई डीपी क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके कारण मोहल्ले के निवासी आज भी गंभीर बिजली संकट का सामना कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने एक और समस्या बताई है। श्रवण सिंह राजावत, विकास गुप्ता और अजय के अनुसार, गांव के सार्वजनिक तालाब के पास लगा मुख्य बिजली का पोल भी तीन महीने पहले आंधी में टूट गया था। विभाग ने नया पोल तो लगा दिया, लेकिन वह भी अब जर्जर होकर मुख्य रास्ते की ओर खतरनाक तरीके से झुक गया है। यह व्यस्त मार्ग होने के कारण राहगीरों, स्कूली बच्चों और मवेशियों के लिए हर समय हादसे का खतरा बना हुआ है।
बिजली विभाग की इस अनदेखी को लेकर ग्रामीणों में गहरा रोष है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द क्षतिग्रस्त डीपी को बदलकर कनेक्शन चालू नहीं किए गए और झुके हुए जर्जर पोल को ठीक नहीं किया गया, तो वे बिजली कार्यालय का घेराव करने के साथ-साथ उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
इस संबंध में टोंक बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता (SE) शेर सिंह मीणा ने कहा कि मैं अभी पीपलू के कनिष्ठ अभियंता (JEN) को इस समस्या से अवगत करवाकर तुरंत समाधान के निर्देश देता हूँ।




