
टोंक में DAP स्टॉक सिर्फ 33 मीट्रिक टन है। किसानों का धरना स्थगित हुआ है।
रबी सीजन और सरसों की बुवाई से पहले डीएपी (DAP) उर्वरक की कमी को लेकर किसानों में नाराजगी है। इस बीच पांसरोटिया में चल रही किसान महापंचायत का धरना स्थगित कर दिया गया है। कलेक्टर टीना डाबी ने कृषि आयुक्त कार्यालय को पत्र लिखकर जिले के लिए जल्द से जल्द 5,000 से 7,000 मीट्रिक टन डीएपी आवंटित करने का आग्रह किया है।

कलेक्टर कार्यालय ने कृषि आयुक्त को भेजे पत्र में बताया है कि टोंक जिले में सरसों की खेती कुल बुवाई क्षेत्र के करीब 75 प्रतिशत (लगभग 3.30 लाख हेक्टेयर) में होती है। अभी जिले के खुदरा विक्रेताओं के पास सिर्फ 22 मीट्रिक टन और थोक विक्रेताओं के पास केवल 11 मीट्रिक टन डीएपी का स्टॉक बचा है। यह किसानों की जरूरत के हिसाब से बहुत कम है।
5,000 से 7,000 मीट्रिक टन डीएपी आवंटन का आग्रह
जिले में आमतौर पर सरसों की बुवाई 25 सितंबर से 15 अक्टूबर के बीच होती है। इस बार खरीफ फसलों की जल्दी कटाई और हाल ही में हुई बारिश के कारण किसान जल्दी बुवाई की तैयारी कर रहे हैं। इससे उर्वरक की पहले से मांग बढ़ गई है।
कलेक्टर ने कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल से आग्रह किया है कि किसानों को राहत देने के लिए 5,000 से 7,000 मीट्रिक टन डीएपी की आपूर्ति सहकारी समितियों के माध्यम से प्राथमिकता से सुनिश्चित की जाए।
डीएपी की तत्काल उपलब्धता नहीं होने पर कृषि विभाग ने किसानों को कुछ विकल्प सुझाए हैं। विभाग ने कहा है कि किसान एनपीके (NPK) का प्रयोग कर सकते हैं। इसके अलावा, 3 बैग एसएसपी (SSP) के साथ 1 बैग यूरिया या 1 बैग टीएसपी (TSP) के साथ 1 बैग यूरिया का संतुलन बनाकर बुवाई कर सकते हैं।






