
जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क (चिड़ियाघर) में टाइगर शिवाजी के हमले में एक महिला मजदूर की मौत हो गई। हादसा बुधवार सुबह 9 बजे हुआ।
जानकारी के अनुसार महिला सुगना देवी (42) टाइगर के एन्क्लोजर (बाड़ा) के अंदर घास काटने घुसी थी। साथी महिलाओं का दावा है टाइगर उस वक्त एन्क्लोजर के अंदर पिंजरे में था।
जैसे ही हम अंदर घुसे किसी ने पिंजरे का गेट खोल दिया। इसी दौरान टाइगर ने हमारे ऊपर हमला कर दिया। जमवारामगढ़ के नांगल सुसावतान गांव की रहने वाली सुगना देवी की बॉडी 12 बजे तक भी बाड़े के अंदर ही थी।
सबसे पहले देखिए- हादसे से जुड़ी PHOTOS…

महिला का शव घटना के करीब 3 घंटे बाद तक बाड़े के अंदर ही था।

अटैक के बाद टाइगर शिवाजी को वन विभाग कर्मचारियों ने वापस पिंजरे के अंदर बंद कर दिया।

टाइगर शिवाजी ने इसी एन्क्लोजर में सुगना देवी पर हमला किया था। उसके साथ गई महिलाओं ने पार्क कर्मचारियों पर हमले को लेकर आरोप लगाए हैं।

सुगना देवी जब जान बचाने के लिए जाल पर चढ़ी तो घास काटने वाली दरांती वहीं गिर गई।

महिलाओं ने बताया कि करीब चार-पांच मिनट तक टाइगर बाहर था। इस दौरान वो महिलाओं के पीछे दौड़ा। एक महिला ने बताया कि किस तरह सुगन देवी ने बचने की कोशिश की।

जाल पर चढ़कर बचने की भी कोशिश की
सुगना देवी के की बड़ी बहन कमला देवी ने बताया कि हम 7 महिलाएं सुबह घास काटने के लिए पार्क में गई थीं। सुबह करीब 9 बजे हम टाइगर शिवाजी के एन्क्लोजर में घुसी थीं।
इस दौरान टाइगर अंदर पिंजर में था। कुछ सेकंड बाद ही वो बाहर आ गया और हम पर हमला कर दिया। हम पांच महिलाएं बाहर की ओर भागीं, जबकि एक महिला एक पेड़ के ऊपर चढ़ गई।
सुगना देवी एन्क्लोजर के जाल पर चढ़ गई, लेकिन टाइगर ने उसे नीचे खींचकर मार दिया।

आमेर विधायक प्रशांत शर्मा नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क पहुंचे थे। उन्होंने लोगों से समझाइश की।

ग्रामीणों के विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए आमेर और आसपास के थानों से पुलिसकर्मियों को मौके पर बुलाया गया था।
ग्रामीणों में गुस्सा, मुआवजे की मांग
महिला की मौत की जानकारी मिलते ही साईवाड़ के पूर्व सरपंच राजेन्द्र बुनकर सहित जमवारामगढ़ क्षेत्र से सैकड़ों लोग नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क पहुंच गए।
उन्होंने अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और मृतक महिला के परिजनों को एक करोड़ का मुआवजा देने की मांग को लेकर हंगामा किया। ग्रामीणों ने बताया कि सुगना देवी का पति दिव्यांग है। उनके दो बच्चे हैं। परिवार वो इकलौती कमाने वाली थीं। लोग धरने पर बैठ गए। दोपहर 3 बजे मांगों पर सहमति बनने के बाद धरना खत्म हो गया।

यहां कुल 15 बाघ-बाघिन
नाहरगढ़ देश का एकमात्र ऐसा बायोलॉजिकल पार्क है, जहां रेस्क्यू सेंटर, सफारी और जू तीनों एक ही जगह हैं। यहां 15 टाइगर हैं। युवा बाघों को एक किलोमीटर के सुरक्षित दायरे में रखा गया है। यहां दो व्हाइट टाइगर भी हैं।






