कैंची धाम जैसी बनेगी नीम करौली बाबा की जन्मस्थली:फिल्म ‘हनुमान अंश’ का असर!; फिरोजाबाद से वृंदावन तक ऐसा होगा ‘बाबा सर्किट’

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नीम करौली बाबा पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने देश-विदेश में करीब 291 करोड़ रुपए कमा लिए हैं। सिर्फ 2 करोड़ रुपए में बनी इस फिल्म को देखने के बाद लोगों में बाबा के प्रति आस्था और बढ़ गई है।

अब तक ज्यादातर लोग उत्तराखंड के कैंची धाम को ही बाबा से जुड़ा मुख्य केंद्र मानते थे। जबकि सच्चाई यह है कि बाबा का जन्म, तपस्या और समाधि, तीनों यूपी की पावन धरती पर ही हुए।

यूपी सरकार ने तय किया है कि नीम करौली बाबा से जुड़े स्थलों को बेहतर बनाया जाएगा। फिरोजाबाद में जहां उनका जन्म हुआ, वहां भव्य कॉरिडोर बनेगा। जहां उन्होंने तपस्या की, वहां 5 एकड़ इलाके को धार्मिक टूरिज्म के लिहाज से डेवलप किया जाएगा। आइए, एक-एक करके सब कुछ जानते हैं…

फिरोजाबाद- जन्मस्थली : भव्य कॉरिडोर तैयार होगा

पर्यटन विभाग के अधिकारी विशाल श्रीवास्तव के मुताबिक, फिरोजाबाद में नीम करौली बाबा की जन्मस्थली को कैंची धाम की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए करीब साढ़े 87 बीघा जमीन चिह्नित की गई है। इलाके का सर्किल रेट बढ़ाकर 69 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर तय किया गया है।

विशाल कहते हैं- जन्मस्थली में एक भव्य प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। डिजिटल म्यूजियम भी बनेगा। एक सभा स्थल, मल्टीलेवल पार्किंग, भंडारा स्थल, फूड कोर्ट, इंटरप्रिटेशन सेंटर, ध्यान और वेलनेस सेंटर बनाए जाएंगे। कैंची धाम पहाड़ पर है, इसलिए उसकी स्थिति अलग हो सकती है। लेकिन, सुविधाओं के मामले में हम भी इसे उसी तरह विकसित करना चाहते हैं।

उन्होंने बताया कि नियमानुसार जमीन का 4 गुना मुआवजा दिया जाएगा। किसी ने कोई आपत्ति नहीं जताई है। बाबा के पोते-पोतियों समेत स्थानीय ग्रामीणों ने NOC पर दस्तखत कर दिए हैं। इसे शासन की मंजूरी के लिए भेजा गया है। जैसे ही वहां से मंजूरी मिलेगी, जमीन खरीद का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद निर्माण शुरू किया जाएगा।

जन्मस्थली पर ₹12 करोड़ से काम हुए

नीम करौली बाबा का जन्म साल- 1900 में फिरोजाबाद के अकबरपुर गांव में हुआ था। उनका बचपन का नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा था। शुरुआत से ही लक्ष्मी नारायण का हनुमान जी के प्रति लगाव था। वे लगातार पूजा-पाठ करते थे।

लक्ष्मी नारायण गृहस्थ संत थे। उनके दो बेटे और एक बेटी हैं। बेटे अनेक शर्मा और धर्म नारायण शर्मा का निधन हो चुका है। बेटी गिरिजा भटेले भी अब वृद्ध हो चुकी हैं। बाबा से जुड़े सभी संस्थानों को श्री ठाकुर हनुमान जी ट्रस्ट मैनेज करता है। गिरिजा इसकी प्रमुख हैं।

फर्रुखाबाद- तपोस्थली : 5 एकड़ में जलकुंड बनेगा

बाबा ने फर्रुखाबाद के नीब करौरी गांव (संकिसा) में करीब 12 साल तपस्या की थी। इसी ‘नीब करौरी’ गांव के नाम पर उन्हें ‘नीम करौली बाबा’ का नाम मिला। नीब करौरी नाम से यहां रेलवे स्टेशन भी है।

‘हनुमान अंश’ रिलीज होने के बाद से यहां मंगलवार और शनिवार को आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ गई है। हर दिन 60-70 हजार भक्त पहुंच रहे हैं।

पर्यटन विभाग यहां 5 एकड़ क्षेत्र में जलकुंड बनवाएगा। इसके अलावा सड़कों से अतिक्रमण हटाकर उन्हें चौड़ा किया जाएगा। व्यवस्थित पार्किंग बनाई जाएगी। मां-बच्चों के लिए विशेष चाइल्ड केयर पॉइंट तैयार किया जाएगा।

वृंदावन- समाधि स्थल : मंदिर डेवलप होंगे

यूपी सरकार वृंदावन स्थित बाबा नीम करौली के समाधि स्थल को भी विकसित करेगी। समाधि स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सड़क मार्ग, बेहतर बुनियादी सुविधाओं और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

11 सितंबर, 1973 को बाबा नीम करौली ने वृंदावन की पावन भूमि पर ही महासमाधि ली थी। इसके बाद इस परिसर का निर्माण किया गया। परिसर के अंदर बाबा नीम करौली महाराज की समाधि के अलावा भगवान श्रीराम, हनुमान जी, मां दुर्गा और शिवजी के भव्य मंदिर स्थापित हैं। यहां भक्तों के लिए भंडारे होते हैं।

लखनऊ- हनुमान सेतु मंदिर : सर्किट का शुरुआती केंद्र होगा

लखनऊ का प्रसिद्ध हनुमान सेतु मंदिर ‘नीम करौली बाबा सर्किट’ का शुरुआती केंद्र होगा। गोमती नदी के तट पर स्थित इस मंदिर का निर्माण बाबा नीम करौली महाराज की प्रेरणा से हुआ था। उत्तर प्रदेश स्टेट टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPSTDC) के गाइडेड टूर यहीं से शुरू होंगे।

मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए बेहतर बैठने की व्यवस्था, मॉडर्न टॉयलेट, शुद्ध पेयजल और कम्युनिकेशन सेंटर जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। अभी मंदिर में बाबा नीम करौली की दो मूर्तियां और हनुमान जी का भव्य विग्रह स्थापित है।

बाबा नीम करौली महाराज ने यहां के हनुमान जी को ‘सभी हनुमानों का गवर्नर जनरल’ कहा था। कहा जाता है कि गोमती पर पुल निर्माण के दौरान बार-बार पिलर गिर रहे थे। बाबा ने वहां हनुमान मंदिर बनाने की सलाह दी। मंदिर बनने के बाद पुल का निर्माण पूरा हो गया।

‘नीम करौली बाबा सर्किट’ का टूर पैकेज जानिए

पर्यटन विभाग ने बाबा की पूरी आध्यात्मिक यात्रा को जोड़ने के लिए ‘नीम करौली बाबा सर्किट’ बनाया है। इस सर्किट में फिरोजाबाद (जन्मस्थली), फर्रुखाबाद (तपोस्थली), लखनऊ (हनुमान सेतु मंदिर) और वृंदावन (समाधि स्थल) शामिल है।

सरकार ने यात्रा के लिए पैकेज भी बना रखा है। UPSTDC ने दिल्ली और लखनऊ से 2, 3 और 5 दिनों के टूर पैकेज शुरू किए हैं। 3 दिन/2 रात के टूर का बजट गाड़ी और सुविधाओं के आधार पर 10,000 से 18,000 रुपए तक है। इसमें कार, इनोवा और टेम्पो ट्रैवलर उपलब्ध हैं।

पर्यटक निगम की आधिकारिक वेबसाइट upstdc.co.in या फोन नंबर 9149099890 पर संपर्क करके बुकिंग करा सकते हैं।

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