पीपलू, टोंक। 3 घंटे पहले

विश्वकर्मा पूजा और जयंती के मौके पर पीपलू के निर्माण, तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्रों में काफी उत्साह दिखा। ब्रह्मांड के पहले शिल्पकार और वास्तुकार भगवान विश्वकर्मा की पूजा के लिए कारखानों, वर्कशॉप, निर्माण स्थलों और सर्विस सेंटरों को अच्छे से सजाया गया।

कारीगरों, इंजीनियरों, तकनीशियनों और श्रमिकों ने अपने-अपने संस्थानों में सुबह नहाने के बाद मशीनों, वाहनों, उपकरणों और औजारों की सफाई की। इसके बाद उन्होंने इनकी पूजा की।
मान्यता है कि विश्वकर्मा जयंती पर कई वर्कशॉप और कारखानों में मुख्य कामकाज बंद रखा जाता है। इस दिन सिर्फ पूजा-अर्चना, हवन और आरती का आयोजन होता है।
हवन-पूजन के बाद कर्मचारियों और वहां आए लोगों के बीच प्रसाद और मिठाइयां बांटी गईं।
पूजा आयोजकों और कारखाना मालिक भरत ने बताया कि यह पर्व सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है। यह श्रम, कौशल और आधुनिक तकनीक के प्रति सम्मान दिखाने का भी एक मौका है। श्रमिकों ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा की कृपा से ही उन्हें रोजगार, जीवन जीने के साधन और काम की जगह पर सुरक्षा मिलती है।
दिन भर चले इस उत्सव में कई जगह कर्मचारियों के सम्मान समारोह भी आयोजित किए गए।






