
टोंक के समरावता में 16 अगस्त को किसान नेता नरेश मीणा के जन्मदिन पर समर्थकों ने कार्यक्रम किया। हाईकोर्ट से जमानत रद्द होने के बाद नरेश मीणा जेल में है, इसके बावजूद समर्थकों ने सांस्कृतिक संध्या रखी। राजस्थान के कलाकार आरके देवता समेत अन्य कलाकारों ने नरेश मीणा के आंदोलनों पर लोकल भाषा में गीत प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में समर्थकों ने नारे लगाए, मंच पर केक काटा और नरेश मीणा को भेदभावपूर्वक फंसाने का आरोप लगाते हुए आगामी चुनावों में इसका सबक सिखाने की बात कही।

कलाकारों ने नरेश के आंदोलनों पर गीत गाए
समरावता और आसपास के लोगों की ओर से रविवार रात जन्मदिन कार्यक्रम रखा गया। इसमें सांस्कृतिक संध्या भी हुई। राजस्थान के प्रसिद्ध गायक कलाकार आरके देवता समेत अन्य कलाकार समरावता पहुंचे।
कलाकारों ने नरेश मीणा की ओर से जनहित में किए गए आंदोलनों पर लोकल भाषा में गीत प्रस्तुत किए। गानों पर लोगों ने तालियां बजाईं। सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान कलाकार आरके देवता के गानों पर डांसर ने प्रस्तुति भी दी।
मंच पर केक काटकर जन्मदिन मनाया
कार्यक्रम में नरेश मीणा के समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की। मंच पर ही केक काटकर उनका जन्मदिन मनाया गया। समर्थकों ने मंच से संबोधित करते हुए नरेश मीणा को भेदभावपूर्वक फंसाने का आरोप लगाया।
समर्थकों ने कहा कि कोर्ट ने इस मामले में संज्ञान नहीं लिया है। उनका आरोप था कि सरकार ने नरेश मीणा को फंसाने के लिए पुलिस की ओर से कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया और स्पेशल लोक अभियोजक नियुक्त कर उनकी जमानत रद्द करवाई। समर्थकों ने कहा कि इसका सबक आने वाले चुनावों में दिया जाएगा।
2024 के उपचुनाव में हुआ था थप्पड़ कांड
नरेश मीणा 2024 में देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव में प्रत्याशी था। 13 नवंबर 2024 को मतदान होना था। इससे पहले समरावता में ग्रामीणों ने गांव की समस्याओं को लेकर मतदान के बहिष्कार का ऐलान किया था। नरेश मीणा ग्रामीणों की समस्याओं को जायज बताते हुए उनके साथ धरने पर बैठा था।
इसी दौरान फर्जी मतदान का आरोप लगाते हुए नरेश मीणा ने तत्कालीन मालपुरा SDM अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था। इसके बाद 14 नवंबर 2024 को पुलिस ने नरेश मीणा को धरना स्थल से गिरफ्तार किया और 15 नवंबर को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया था।
इस मामले में 60 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। नरेश मीणा को छोड़कर बाकी सभी आरोपियों को जमानत मिल गई थी। करीब 9 महीने बाद हाईकोर्ट ने नरेश मीणा को सशर्त जमानत पर रिहा किया था।
पिपलोदी स्कूल हादसे के बाद फिर गिरफ्तार हुए
25 जुलाई 2025 को झालावाड़ के पिपलोदी सरकारी स्कूल का कमरा गिरने से 7 बच्चों की मौत हो गई थी। घटना के बाद नरेश मीणा एसआरजी हॉस्पिटल के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।
नगरफोर्ट थाना पुलिस की एप्लीकेशन के बाद 13 जुलाई 2026 को एससी-एसटी कोर्ट ने उनकी जमानत खारिज कर दी थी। इसके बाद हाईकोर्ट में भी जमानत रद्द होने के चलते नरेश मीणा फिलहाल जेल में हैं।






