
उनियारा (टोंक) में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (तालुका विधिक सेवा समिति, उनियारा) एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, टोंक के तत्वावधान में ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडेज़’ अभियान के तहत एक विधिक साक्षरता एवं संवेदीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस शिविर में उपस्थित अधिकारी/अधिवक्ता ने बच्चों और छात्र-छात्राओं को बाल सुरक्षा, बाल श्रम, मानव तस्करी और अपहरण से बचाव के उपायों पर विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था।
वक्ताओं ने बच्चों को समझाया कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति की बातों में न आएं और न ही उनसे कोई चीज लें। उन्हें बताया गया कि अपहरणकर्ता बच्चों को भीख मंगवाने, बाल श्रम करवाने या अन्य गलत कार्यों के लिए बहला-फुसला सकते हैं, इसलिए सतर्क रहना आवश्यक है।
बच्चों को यह भी जानकारी दी गई कि भारतीय कानून में बाल श्रम पूरी तरह प्रतिबंधित और दंडनीय अपराध है।
आपात स्थिति में मदद के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों के बारे में भी बताया गया। इनमें आपातकालीन पुलिस सहायता के लिए 100/112 और चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 शामिल हैं।
छात्रों को सलाह दी गई कि किसी भी प्रकार की धमकी, परेशानी या संदिग्ध व्यवहार का सामना होने पर वे तुरंत अपने शिक्षकों और परिवार के सदस्यों को सूचित करें।






