
हमाम अल हमामी ने ही भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला किया था। उसने स्वीकार किया कि वह प्लेन क्रैश कराना चाहता था।
इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला करने वाले को-पायलट की पहचान हमाम अल-हमामी के रूप में हुई है। वह ओमान का रहने वाला है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच में उसके अलकायदा की विचारधारा से प्रभावित होने के सबूत मिले हैं। पूछताछ में अल-हमामी ने बताया कि वह विमान को इजराइल में क्रैश कराना चाहता था।
हमले से पहले भी उसके रवैये पर सवाल उठे थे। 2024 में उसे कट्टरपंथी सोच के कारण ओमान की नेशनल एयरलाइन की पायलट ट्रेनिंग से हटा दिया गया था। बाद में उसे एयरलाइन में दूसरी जिम्मेदारी दी गई। करीब 8 महीने पहले वह फ्लाईदुबई से जुड़ा था।

हमले में कैप्टन स्मित मच्छर बुरी तरह घायल हो गए। खून से लथपथ हालत में ऑक्सीजन मास्क पहने उनका वीडियो सामने आया था।
सीरिया में रहने के दौरान कट्टरपंथी सोच से प्रभावित हुआ
अल अरबिया इंग्लिश के मुताबिक, अल-हमामी ने ओमान से बाहर काफी समय बिताया था और सीरिया में भी लंबे समय तक रहा। इसी दौरान वह कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित हुआ।
जांच में उसके कुछ धार्मिक लोगों से मुलाकात की जानकारी भी सामने आई है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि वह किस तरह कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित हुआ।
ओमान एयर ने 2024 में उड़ान से हटाया था
फॉक्स न्यूज के मुताबिक, ओमान एयर ने 2024 में अल- हमामी को उड़ान से हटा दिया था। उसके कट्टरपंथी इस्लामिक वेबसाइट्स देखने की जानकारी सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया था।
सीएनएन के मुताबिक, उसे कथित कट्टरपंथी विचारों के कारण पायलट ट्रेनिंग से हटाया गया था। हालांकि, बाद में उसे एयरलाइन में दूसरी भूमिका दी गई। वह पहले रॉयल एयर मैरोक के साथ भी काम कर चुका था।
विमान को इजराइल में क्रैश करने की योजना थी
रिपोर्ट के मुताबिक, अल-हमामी के पास से ‘फ्री फिलिस्तीन’ के पोस्टर और दूसरी फिलिस्तीनी समर्थन वाली चीजें मिली थी।
पूछताछ में विमान को इजराइल में क्रैश करने की बात कही। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि क्या कैप्टन पर हमला विमान पर कब्जा कर उसे जानबूझकर गिराने की कोशिश का हिस्सा था।

कैप्टन स्मित मच्छर को सऊदी में विमान के लैंड होने के बाद इलाज के लिए ले जाया गया।
एक मिनट में 33 हजार से 17 हजार फीट नीचे आया विमान
फ्लाइट FZ1073 में उड़ान के करीब ढाई घंटे बाद अल-हमामी ने कैप्टन मच्छर पर चाकू से हमला किया। फ्लाइटरडार24 के मुताबिक, इस दौरान विमान करीब एक मिनट में 33 हजार फीट से 17 हजार फीट तक नीचे आ गया।
गंभीर चोटों के बावजूद कैप्टन मच्छर ने हमलावर का सामना किया और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद क्रू मेंबर्स और यात्रियों ने आरोपी को काबू किया। दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने भी विमान की कमान संभालने में मदद की।

सऊदी अरब में हुई इमरजेंसी लैंडिंग
हमले के बाद विमान की सऊदी अरब के तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। घटना के समय विमान में 174 लोग सवार थे। इनमें ज्यादातर इजराइली यात्री थे। भारत और UAE के नागरिक भी विमान में मौजूद थे।
अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, चार यात्री अमेरिकी नागरिक थे। कैप्टन मच्छर गंभीर रूप से घायल हुए। उन्हें बाद में सऊदी अरब से एयरलिफ्ट करके अबू धाबी लाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
तेल अवीव की फ्लाइट में ड्यूटी कैसे मिली, इसकी जांच जारी
ओमान और इजराइल के बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं। ऐसे में जांच का एक अहम सवाल यह है कि अल-हमामी को तेल अवीव जाने वाली फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट की ड्यूटी कैसे मिली।
सीएनएन के मुताबिक, इजराइल की शिन बेट, मोसाद, सेना और ट्रांसपोर्टेशन मिनिस्ट्री समेत कई एजेंसियां इस पहलू की जांच कर रही हैं। वे यह पता लगा रही हैं कि पहले उठी चिंताओं के बावजूद अल-हमामी फ्लाइट क्रू का हिस्सा कैसे बना।
घटना के बाद अल-हमामी को सऊदी अरब से UAE भेज दिया गया, जहां उसके खिलाफ आतंकवाद से जुड़े मामले की जांच चल रही है।






