
निकाय चुनाव की वोटिंग के दिन अजब-गजब रंग देखने को मिले। झुंझुनूं में रिजर्व पोलिंग पार्टी के कर्मचारी ने बूथ पर ही ‘बोतल’ खोल ली। कोटा में प्रत्याशी ने सिम्पैथी के लिए बर्तन तक धो डाले। जयपुर में विधायक जी ने बिना हेलमेट तिरंगा स्कूटर खूब दौड़ाया। भरतपुर में उपभोक्ता को सड़ा हुआ गेहूं दे दिया गया।
राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में…
1. वोटिंग के अजब-गजब रंग

चुनाव एक नशा है। नेतागण इस वक्त इसी नशे का शिकार हैं। हर हथकंडा अपना रहे हैं। एक चरण की वोटिंग कल हो गई। अब अगले की तैयारी।
इधर, झुंझुनूं के उदयपुरवाटी में रिजर्व रखी गई पोलिंग पार्टी के कर्मचारी ने मौका पाकर ‘बोतल’ खोल ली। बूथ पर ही महफिल जम गई। क्योंकि साहब रिजर्व में थे, इसलिए दस्तूर निभा लिया।
किसी साथी ने वीडियो बना लिया। पेपर की तरह वीडियो भी लीक। निर्वाचन अधिकारी तानिया रिणवा ने कर्मचारी को तुरंत हटा दिया। मेडिकल करवा के रिपोर्ट भी कलेक्टर को भेज दी।
चूरू के वार्ड 35 में वोटिंग चल रही थी। अचानक शोर उठा कि फर्जी वोटिंग हो रही है। भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ता एक दूसरे पर आरोप लगाने लगे। माहौल गरमा गया।
पुलिस ने दोनों पक्षों को हड़काकर दूर किया। इस दौरान 15 मिनट तक वोटिंग रुकी रही।
सवाई माधोपुर के वार्ड 32 में तो गजब हो गया। अशोक कुमार जी का वोट कोई दूसरा अशोक कुमार डाल गया। ऐसे में अशोक कुमार जी ने आरोप लगा दिया- फर्जी वोट डाले जा रहे हैं।
वोटिंग के दौरान कुछ जगह माथा-फोड़ी हो गई। आरोप-प्रत्यारोप लगे। फिर भी चुनाव शांतिपूर्ण रहा। मतदान का जज्बा भी दिखा। जोधपुर के मथानिया में 84 साल के भागीरथ राठी जी को व्हीलचेयर समेत लोडिंग टेम्पो में बिठाया गया। मतदान केंद्र पहुंचकर उन्होंने मतदान किया। धन्य हो।

झुंझुनूं के उदयपुरवाटी में कर्मचारी ने बूथ में ही शराब की बोतल खोल ली। चूरू में फर्जी मतदान के आरोप लगाते हुए लोग आमने सामने हो गए। जोधपुर में 84 साल के बुजुर्ग व्हीलचेयर समेत लोडिंग टेम्पो में बैठकर वोट डालने पहुंचे।
2. प्रचार में लगाया पूरा जोर
चुनाव लड़ना किसी जंग लड़ने से कम नहीं। किसी जमाने में राज करने के लिए जंग लड़नी पड़ती थी। अब चुनाव लड़ना पड़ता है।
ऐसे में निकाय चुनाव की वोटिंग से पहले प्रत्याशियों और नेताओं ने पूरा जोर लगा दिया। कोटा में प्रत्याशियों ने रोटी बनाने और बर्तन मांझने से भी गुरेज नहीं किया।
वार्ड 11 की बात है। भाजपा की उम्मीदवार सुमन देवी जनसंपर्क पर पहुंची। तब गृहणी रोटी बनाने में व्यस्त थीं। सुमन देवी ने चकला बेलन संभाल लिया और रोटियां बेलने लगीं।
इसी तरह वार्ड 33 में जनसंपर्क कर रहे निर्दलीय प्रत्याशी कृष्ण मुरारी कहार घर-घर जा रहे थे। उन्होंने देखा कि एक महिला घर के बाहर बर्तन धो रही है। कृष्ण मुरारी जी ने पैर छूकर आशीर्वाद लिया और लगे हाथ बर्थन धोकर मदद करने लगे।
उधर जयपुर में किशनपोल विधायक अमीन काजगी तिरंगा स्कूटर पर घूमते नजर आए। अपनी पार्टी के प्रत्याशियों के लिए उन्होंने पूरा जोर लगाया। हेलमेट भी लगा लेते तो बढ़िया रहता।
चुनाव को लेकर प्रत्याशी और नेताजी तो जोश में थे ही। कार्यकर्ताओं का उत्साह भी देखते ही बन रहा था। सीकर के फतेहपुर में एक निर्दलीय प्रत्याशी के समर्थक अब्दुल्ला भाटी ने जोरदार डांस किया।

कोटा में प्रत्याशी वोटर को लुभाने के लिए बर्तन धोने लगे। जयपुर में विधायक अमीन कागजी ने तिरंगा स्कूटर पर किया प्रचार। कार्यकर्ताओं में भी चुनाव प्रचार में जोश हाई दिखा।
3. चलते-चलते…
चुनाव, प्रचार, वोटिंग….लोकतंत्र में सारे ताम-झाम आम जनता के लिए होते हैं। नेतागण की भूमिका सेवक की होती है। जनता उन्हें 5 साल सेवा करने का मौका देती है।
लेकिन आम जनता को क्या मिलता है? इसकी नजीर चुनावी मौसम में ही देखने को मिल गई। मामला भरतपुर का है। यहां एक गरीब उपभोक्ता को राशन वाले ने सड़ा हुआ गेहूं दे दिया।
उपभोक्ता कलुवा राम ने कहा- क्या करें साहब? जो दिया है वो लेना पड़ेगा। मजबूरी है। हम गरीब आदमी हैं। गरीब का लेबल लगाकर उन्हें कुछ भी चिपका दिया जाता है।
राशन डीलर से सड़े गेहूं कि शिकायत की तो वह अकड़ गया। बोला- जैसे आए हैं वैसे दे दिए। अब इनको कलेक्ट्रेट ले जाओ और कलेक्टर से मेरी शिकायत कर दो।
जब कलुवा राम को सड़ा गेहूं बांटा गया तो वहां एक जागरूक नागरिक भी खड़ा था। उसने जेब से मोबाइल निकाला और उस गेहूं का वीडियो बना लिया। कलुवा से बात भी की।
वीडियो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर फैल गया। राशन डीलर के हाथ-पैर फूल गए। दूसरे ही दिन उसने कलुवा को बुलाकर अच्छा गेहूं दे दिया।
इस घटना से सबक ये कि आपकी हालत देख अगर कोई हक को चोरी करे तो मजबूरी समझकर चुप मत बैठिये। आवाज उठाइये।

भरतपुर में सड़ा हुआ गेहूं दिखाते हुए स्थानीय निवासी कलुवा राम।





