बीसलपुर बांध में 24 घंटे में सिर्फ 2 सेंटीमीटर पानी:जलस्तर 314.20 आरएल मीटर पहुंचा, तेज बारिश हुई तो भर सकता है बांध

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बीसलपुर बांध में पानी की आवक अब काफी धीमी पड़ गई है। रविवार सुबह 6 बजे तक बीते 24 घंटे में बांध का जलस्तर सिर्फ 2 सेंटीमीटर बढ़ा और यह 314.20 आरएल मीटर पहुंच गया। बांध की 315.50 मीटर यानी 38 टीएमसी भराव क्षमता के मुकाबले अब 28.426 टीएमसी पानी है। भराव क्षेत्र में तेज बारिश होने पर बांध भरने की उम्मीद है, जबकि बारिश नहीं होने पर पानी की आवक काफी कम हो सकती है।

24 घंटे में सिर्फ 2 सेंटीमीटर बढ़ा जलस्तर

बीते 24 घंटे में रविवार सुबह 6 बजे तक बीसलपुर बांध में महज 2 सेंटीमीटर पानी बढ़ा है। शनिवार सुबह 6 बजे तक बांध का जलस्तर 314 आरएल मीटर था, जो रविवार को बढ़कर 314.20 आरएल मीटर हो गया।

इसके साथ ही बांध की पूरी भराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर तक पहुंचने में अभी डेढ़ मीटर से थोड़ा कम दूरी बाकी है।

28.426 टीएमसी पानी आया

आज बांध में 28.426 टीएमसी पानी आ चुका है। यानी बांध अपनी भराव क्षमता का दो तिहाई भर चुका है। अब लोगों के बीच चर्चा है कि अगर बांध के भराव क्षेत्र में जोरदार बारिश होती है तो बांध भर सकता है। वहीं भराव क्षेत्र में बारिश नहीं होने पर बांध खाली रह सकता है। फिलहाल बांध में काफी कम गति से पानी की आवक जारी है। त्रिवेणी का गेज भी लगातार कम हो रहा है।

त्रिवेणी 2.70 मीटर बह रही

आज त्रिवेणी का गेज 2.70 मीटर है। ऐसे में अगर अब भराव क्षेत्र में बारिश नहीं होती है तो बांध में पानी की आवक रुक सी जाएगी। हालांकि अगस्त का अभी आधा महीना बाकी है। बांध के इतिहास पर नजर डालें तो गत साल को छोड़कर अब तक जितनी भी बार बांध के गेट खुले हैं, वे अगस्त महीने में ही खुले हैं। यानी यह बांध अगस्त में ही छलका है। ऐसे में इस साल भी अगस्त महीने के आखिरी तक बांध के गेट खुलने की संभावना है।

बीसलपुर बांध परियोजना के AEN दिनेश कुमार बैरवा ने बताया कि तीन दिन बाद बांध में पानी की आवक काफी कम पड़ गई है। रविवार को भी ज्यादातर जगह हल्के बादल छाए हुए हैं। इससे आज बारिश के आसार कम नजर आ रहे हैं। इसके चलते जिले के जलस्त्रोतों में पानी की आवक भी बंद सी हो गई है।

रोजाना 900-1000 MLD पानी की खपत

बीसलपुर बांध टोंक समेत जयपुर और अजमेर जिले की लाइफ लाइन है। इस बांध से रोजाना टोंक, अजमेर और जयपुर की एक करोड़ से ज्यादा आबादी की प्यास बुझती है। इन तीनों जिलों के लिए रोजाना 900-1000 MLD पानी की खपत होती है। इससे बांध का जलस्तर रोजाना करीब डेढ़ से दो सेंटीमीटर कम होता है।

बूंदाबांदी से मौसम खुशनुमा

रविवार को भी मौसम बारिश का बना हुआ है। कई जगह रुक-रुककर बूंदाबांदी हो रही है। इससे मौसम खुशनुमा बना हुआ है और सावन का अहसास हो रहा है। बारिश और बादलों के कारण गर्मी और उमस से लोगों को काफी राहत मिली है।

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