
कृषि विभाग की नई डिजिटल पहल के तहत रानोली में उर्वरक वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाया गया है। ग्राम सेवा सहकारी समिति (जीएसएस) गोदाम पर डीएपी खाद के 500 कट्टों का वितरण एफएफएस (Framework for Fertilizer Sale) मोबाइल एप के माध्यम से ऑन-द-स्पॉट ऑनलाइन बुकिंग करके किया गया।
इस नई व्यवस्था से किसानों को सबसे बड़ी राहत मिली है। उन्हें उर्वरक के साथ किसी भी अन्य अवांछित सामग्री (टैगिंग) की अनिवार्यता नहीं झेलनी पड़ी, जिससे प्रति किसान लगभग 600 रुपए की सीधी बचत हुई।
सहायक कृषि अधिकारी रूपचंद साहू ने मौके पर मौजूद किसानों को जीएसएस और अधिकृत विक्रेताओं से डिजिटल माध्यम से खाद प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया समझाई। कृषि विभाग की टीम ने किसानों के स्मार्टफ़ोन में FFS एप डाउनलोड करवाया और ऑनलाइन बुकिंग की चरणबद्ध जानकारी देकर तुरंत खाद आवंटित करवाई।
स्थानीय किसानों ने सरकार की इस ऑनलाइन व्यवस्था को ऐतिहासिक और किसान-हितैषी बताया। रामअवतार सैनी, हनुमान मीणा, गिर्राज सेन, रामलाल स्वर्णकार और हेमराज सहित अन्य ग्रामीणों ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि पहले खाद के साथ जबरन दूसरी महंगी दवाइयां या उत्पाद थमा दिए जाते थे, लेकिन बिना टैगिंग के ऑनलाइन बुकिंग से समय और पैसे दोनों की बड़ी बचत हुई है।
कृषि विभाग के पदाधिकारियों ने बताया कि किसान अपने मोबाइल से FFS एप द्वारा यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी और एमओपी जैसे मुख्य उर्वरकों की अग्रिम बुकिंग कर सकते हैं।
विभाग ने सभी किसानों से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत विक्रेता के चंगुल में फंसने के बजाय केवल जीएसएस और अधिकृत डीलरों से ही FFS एप के जरिए पारदर्शी तरीके से उर्वरक खरीदें।






