पीपलू ब्लॉक की पंचायतें बनेंगी बाल हितैषी:BLCPC सदस्यों को मिला प्रशिक्षण, प्रबंधक बोले- ग्राम पंचायतों और समुदाय के समन्वित से ही बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिलेगा

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पीपलू में BLCPC सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया।

पीपलू के उपखंड मजिस्ट्रेट कार्यालय सभागार में ब्लॉक स्तरीय बाल संरक्षण समिति (BLCPC) के सदस्यों के लिए एक दिवसीय क्षमता वर्धन प्रशिक्षण कार्यशाला हुई। यह कार्यशाला शिव शिक्षा समिति राणोली की ‘कवच परियोजना’ के तहत हुई। सहायक विकास अधिकारी हेमराज सोलंकी और प्रहलाद राम बैरवा ने कार्यशाला की अध्यक्षता की।

कवच परियोजना पर की बात

कार्यशाला में बाल अधिकारों, उनकी सुरक्षा और पंचायत स्तर पर बाल संरक्षण गतिविधियों को प्रभावी बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम प्रबंधक सीताराम शर्मा ने ‘कवच परियोजना’ के उद्देश्यों पर बात की। उन्होंने कहा कि बाल संरक्षण किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि विभिन्न विभागों, ग्राम पंचायतों और समुदाय के समन्वित प्रयासों से ही बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण बनाया जा सकता है।

‘बाल हितैषी पंचायत’ पर हुई चर्चा

शर्मा ने BLCPC की संरचना, उसकी भूमिका और पंचायत स्तर पर बच्चों से जुड़े मुद्दों की पहचान करने के साथ-साथ विभिन्न विभागों के साथ तालमेल बिठाने के महत्व पर भी जानकारी दी। कार्यशाला में ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) 2026-27 और ‘बाल हितैषी पंचायत’ की अवधारणा पर विशेष चर्चा हुई।

वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि पंचायत विकास योजना में ड्रॉपआउट और स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान कर उनका दोबारा नामांकन कराया जाए। साथ ही, बाल विवाह, बाल श्रम और बाल तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जाए। बच्चों के लिए सेफ्टी ऑडिट, बाल सभाओं का नियमित आयोजन और उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने पर भी बल दिया गया।

सहायक विकास अधिकारी हेमराज सोलंकी और प्रहलाद राम बैरवा ने कहा कि बच्चों से जुड़े मुद्दों को केवल बैठकों तक सीमित नहीं रखना चाहिए। उनके व्यावहारिक समाधान के लिए विभागों को ठोस कदम उठाने होंगे।

‘बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत करना जरूरी’

जिला समन्वयक पूनम जोनवाल ने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य ध्येय बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत करना और बच्चों के कल्याण को पंचायत की विकास प्रक्रिया का मुख्य हिस्सा बनाना है। प्रतिभागियों ने समूह चर्चा कर आगामी एक वर्ष के लिए विभागीय जिम्मेदारियां, संसाधन और सफलता के मानक तय किए।

ये रहे मौजूद कार्यशाला में महिला एवं बाल विकास विभाग से ललिता साहू, ब्लॉक शिक्षा विभाग से गिरराज वैष्णव, परियोजना टीम से एमआईएस अधिकारी अंकित सिंहाग, रामकल्याण जाट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व समिति सदस्य उपस्थित रहे।

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