
टोंक डीएसटी (डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम) ने साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए निवाई थाना क्षेत्र से छह आरोपियों को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई में करीब 30 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामलों का खुलासा हुआ है।
डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ साइबर क्राइम की धाराओं में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और चेकबुक सहित अन्य सामग्री जब्त की है। जांच में सामने आया कि आरोपी कुल 205 फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल कर रहे थे। एनसीआरपी (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) पर इनके खिलाफ ऑनलाइन साइबर ठगी की 45 शिकायतें दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी पिछले करीब चार वर्षों से साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े हुए थे। आरोप है कि वे फर्जी PhonePe ऐप, निवेश से जुड़े लिंक और WhatsApp व Instagram जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को मोटी रकम दिलाने का झांसा देकर ठगी करते थे।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों द्वारा बड़ी संख्या में फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसके जरिए साइबर ठगी से जुड़े संपर्क और लेनदेन किए जाते थे।
6 आरोपियों को हिरासत में लिया
निवाई थाना पुलिस की कार्रवाई में सांवर मल उर्फ सांवरा (25), रामसिंह (24), राकेश (24), दिलखुश (22), विनोद प्रजापत (21) और खुसीराम (22) को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों और 205 फर्जी सिम कार्ड के इस्तेमाल से जुड़े पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों और साइबर ठगी के मामलों में आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।







