
राजस्थान ग्रामीण बैंक की रानोली शाखा ने बस स्टैंड परिसर में सतर्कता जागरूकता सप्ताह के तहत एक जन-जागरूकता बैठक आयोजित की। इस दौरान बैंक कर्मचारियों ने स्थानीय नागरिकों और ग्राहकों को साइबर धोखाधड़ी एवं भ्रष्टाचार के विभिन्न तरीकों के प्रति सचेत किया।
बैठक को संबोधित करते हुए सहायक शाखा प्रबंधक गिरधारी बंसल ने बताया कि किसी भी ग्राहक को लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम या बैंकिंग दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए नहीं देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसा करने पर व्यक्ति अनजाने में ‘मनी म्यूल’ (साइबर अपराध में प्रयुक्त खाता) की आपराधिक गतिविधियों में फंस सकता है।
बंसल ने चेतावनी दी कि बैंक खाता किराए पर देना या बेचना एक कानूनी अपराध है। खातों का गलत इस्तेमाल होने पर ग्राहक को गंभीर कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।
बैंक ने ग्राहकों को साइबर ठगी से बचाव के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इनमें किसी भी अनजान कॉल या लुभावने ऑफर के झांसे में न आना शामिल है। ग्राहकों को अपने बैंक खाते की जानकारी, एटीएम पिन, ओटीपी या इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड किसी से भी साझा न करने की सलाह दी गई।
इसके अलावा, समय पर आवश्यक बैंकिंग अलर्ट प्राप्त करने के लिए खाते में मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी हमेशा अपडेट रखने को कहा गया। साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील भी की गई।
कार्यक्रम के समापन पर, बैंक प्रतिनिधियों ने उपस्थित लोगों को ईमानदारी, पारदर्शिता और बैंकिंग नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई। साथ ही, भ्रष्टाचार से जुड़ी किसी भी सूचना को संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाने का आग्रह किया।






