
निवाई में अखिल भारतीय रैगर महासभा की ओर से एक बैठक आयोजित की गई। प्रमुख शिक्षाविद एवं संरक्षक भंवरलाल देवतवाल की अध्यक्षता और जिलाध्यक्ष शंकरलाल हाथीवाल की मौजूदगी में हुई इस बैठक में माण्डकलां धर्मशाला के शिलान्यास समारोह की तैयारियों सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। धर्मशाला का शिलान्यास 30 अगस्त को करने का निर्णय लिया गया।
लंबे समय से थी निर्माण की मांग
जिला उपाध्यक्ष ओमप्रकाश धवलपुरिया ने बताया-माण्डकला तहसील नगरफोर्ट में समाज की धर्मशाला निर्माण की लंबे समय से मांग थी। बैठक में सबकी सहमति से धर्मशाला के निर्माण कार्य के प्रस्तावित नक्शे का अनुमोदन किया गया।
बैठक में अधिक आर्थिक सहयोग करने वाले भामाशाहों से संपर्क करने पर चर्चा की गई। जिलाध्यक्ष शंकरलाल हाथीवाल ने बताया कि 5100 रुपये या उससे अधिक राशि का आर्थिक सहयोग करने वाले भामाशाहों के नाम का शिलालेख धर्मशाला पर लगाया जाएगा। इच्छुक भामाशाह अपने पूर्वजों की पुण्य स्मृति में कमरे की लागत वहन करके धर्मशाला के कमरों पर अपने परिजनों के नामों का शिलालेख लगवा सकते हैं।
दीवार निर्माण का ब्यौरा दिया
इस दौरान धर्मशाला निर्माण समिति अध्यक्ष हरिनारायण चोमिया ने दीवार निर्माण का ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इस पर कुल 1 लाख 36 हजार 800 रुपए खर्च हुए हैं, जिसका सर्वसम्मति से अनुमोदन किया गया।
रैगर अधिकारी एवं कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश वर्मा ने सभी कर्मचारियों को संगठन से जुड़ने और धर्मशाला में सहयोग करने का आह्वान किया। सभापति ने आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित करते हुए धर्मशाला निर्माण में यथाशक्ति आर्थिक सहयोग करने की अपील की।
ये रहे मौजूद
बैठक में नगरफोर्ट से चिरंजी लाल, अशोक कुमार, सुनील इंदौरिया; नानेर से ओमप्रकाश वर्मा; फुलेता से शंकरलाल बांसींवाल एवं पूरण मंडोलिया; मालपुरा से त्रिलोकचंद सांटीवाल; मालीपुरा से प्रभुलाल मौर्य; बनेठा से कल्लू लाल चोमियाँ; दूनी से अर्जुन थलहेटिया एवं अमित; निवाई से महेन्द्र मंडरावलिया, ताराचंद मंडरावलिया; धुंआ से शंकरलाल सेवलिया; लाम्बा से मदन लाल; पलाई से मदन लाल, लादूलाल, किशनलाल, रामस्वरूप, सत्यनारायण; बालापुरा से शिवपाल, प्रकाश, रामप्रकाश, मोहन लाल; और बालून्दा से नैनु लाल व कैलाश चन्द सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।






