जयपुर, 3 घंटे पहले

सीकर में कांग्रेस-भाजपा को सभापति पद के लिए 21 तारीख को होने वाले मतदान से पहले क्रास वोटिंग का डर लग रहा है। ऐसे में दोनों ने अपनी बाड़ाबंदी टाइट कर ली है। इस बीच पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने बड़ा बयान दिया है।

डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस और उनके समर्थित पार्षदों के पुलिस धमकाकर उठा रही है। बीजेपी सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल करके लोकतंत्र के पर्व को कुचलकर अपनी सत्ता बनाना चाहती है।
डोटासरा ने कहा कि राजस्थान में पुलिस के इस रवैये को लेकर मैंने डीजीपी को पहले भी कह दिया और अब मीडिया के माध्यम से कह रहा हूं कि अब आप इस तांडव नृत्य को रोक लीजिए वरना राजस्थान की जनता में आक्रोश फैल जाएगा। अगर कोई मर्डर हुआ या खून खराबा हुआ तो जिम्मेदार राजस्थान पुलिस और सरकार होगी।
वहीं लक्ष्मणगढ़ के कांग्रेसी व निर्दलीय समर्थित पार्षदों की बाड़ाबंदी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे डांस करते और क्रिकेट खेलते नजर आ रहे है।
सीकर में कांग्रेस और भाजपा की सभापति पद के लिए प्रत्याशी


दोनों पार्टी के पार्षद बाड़ाबंदी में
बीजेपी ने गुरुवार दोपहर बाद सभी जीते हुए पार्षदों को वापस बाड़ाबंदी में बुला लिया था। वहीं कांग्रेस के भी ज्यादातर पार्षद वर्तमान में बाड़ाबंदी में है। जल्द ही बाड़ाबंदी की जगह भी बदलने की चर्चा है। कांग्रेस पार्षदों के परिवारों को भी बाड़ाबंदी में बुला लिया गया है।
सीकर में निकाय चुनाव के परिणाम में कांग्रेस पार्टी ने बहुमत से 5 सीट ज्यादा 38 हासिल की। वहीं भाजपा ने 22,4 निर्दलीय और 1 सीट पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के द्वारा जीत हासिल की थी।
पूर्ण बहुमत होने के बावजूद भी कांग्रेस पार्टी नहीं चाहती कि किसी भी हाल में उनकी पार्टी के पार्षदों का कोई जोड़-तोड़ हो। हालांकि एक दो-पार्षद अभी बाड़ाबंदी से बाहर भी है। जिन पर कांग्रेस पार्टी को पूर्ण विश्वास है कि यह किसी दूसरे दल में नहीं जा सकते।
दोनों पार्टियों ने पार्षदों के फोन भी स्विच ऑफ करवाए
दोनों ही पार्टियों के बाड़ाबंदी में बैठे पार्षदों के मोबाइल भी स्विच ऑफ करवाए गए हैं, जिससे कि कोई भी उनसे कांटेक्ट नहीं कर सके। सभी बाड़ाबंदी से 21 सितंबर को मतदान वाले दिन ही बाहर आएंगे।







