देश की रक्षा करते हुए शहादत देने वाले जवान के सम्मान की मांग को लेकर मंगलवार को वजीराबाद गांव के ग्रामीण और शहीद के परिजन सड़क पर उतर आए। शहीद अशोक कुमार जाट के नाम पर स्मारक बनाने और गांव के स्कूल का नामकरण उनके नाम से करने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने गांधी पार्क से रैली निकाली और कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। बाद में ग्रामीणों ने एडीएम को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।ग्रामीणों का कहना है कि शहीद अशोक कुमार जाट की शहादत को करीब 11 साल बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उनके सम्मान में न तो स्मारक बनाया गया और न ही गांव के किसी स्कूल का नाम उनके नाम पर किया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वे पिछले करीब दस सालों से इन मांगों को लेकर प्रशासन के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार आश्वासन के बावजूद मामला आगे नहीं बढ़ा।

सुकमा में नक्सलियों से मुठभेड़ में हुए थे शहीद वजीराबाद निवासी अशोक कुमार जाट केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 217वीं बटालियन में तैनात थे। वे 25 सितंबर 2015 को छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे।
शहीद की शहादत के सालों बाद भी उनके गांव में स्मारक नहीं बनने और स्कूल का नामकरण नहीं होने से परिजनों और ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका कहना है कि शहीद के सम्मान में स्मारक और स्कूल का नामकरण होना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
पहले भी दिए ज्ञापन, नहीं हुई कार्रवाई ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर विनोद मीणा के नाम सौंपे ज्ञापन में बताया कि इन मांगों को लेकर वे पूर्व में भी जिला प्रशासन को ज्ञापन दे चुके हैं। उस समय मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
ग्रामीणों ने मांग की कि गांव में शहीद अशोक कुमार जाट का भव्य स्मारक जल्द बनाया जाए और गांव के स्कूल का नामकरण भी उनके नाम से किया जाए।
‘कोर्ट केस का हवाला देकर टाल रहा प्रशासन’ ग्रामीणों ने ज्ञापन में प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि प्रशासन की ओर से कई बार कोर्ट केस का हवाला देकर उनकी मांगों को टाल दिया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि स्मारक निर्माण और स्कूल के नामकरण का कोर्ट केस से कोई संबंध नहीं है, इसलिए इन दोनों मांगों पर तत्काल निर्णय लिया जा सकता है।
समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्धारित समय-सीमा में उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन तेज करेंगे। ग्रामीणों ने आगामी दिनों में जगह-जगह धरना-प्रदर्शन, रोड जाम और विशाल रैली आयोजित करने की चेतावनी दी है।
वहीं, प्रदर्शन के बाद एडीएम ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर न्यायसंगत कार्रवाई की जाएगी।






