टोंक बनेठा निवासी 79 साल महावीर प्रसाद जैन अब सांसारिक जीवन छोड़कर वैराग्य की राह पर चलेंगे। वे 19 अगस्त को सीकर में मोक्ष सप्तमी के दिन जैनेश्वरी दीक्षा लेंगे। दीक्षा से पहले अमीरगंज जैन नसिया में छोल भराई कार्यक्रम हुआ, जिसमें समाज के लोगों और महिलाओं ने शामिल होकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। महावीर जैन के दो बेटे, एक पोता और चार पोतियां हैं। माता-पिता और पत्नी के निधन के बाद अब उन्होंने परिवार और कारोबार छोड़कर दीक्षा लेने का फैसला किया है।

19 अगस्त को मोक्ष सप्तमी के दिन लेंगे दीक्षा
समाज के मीडिया प्रकोष्ठ मंत्री पवन कंटान कमल सर्राफ ने बताया कि महावीर प्रसाद जैन 19 अगस्त को मोक्ष सप्तमी के दिन सीकर में जैनेश्वरी दीक्षा लेंगे। इसी को लेकर अमीरगंज जैन नसिया में छोल भराई का कार्यक्रम रखा गया। इस दौरान समाज के लोगों ने उनके वैराग्य के फैसले की सराहना की और मंगलकामनाएं कीं।
समाज के पदाधिकारी और महिलाएं हुईं शामिल
कार्यक्रम में समाज अध्यक्ष भागचंद फूलेता, कार्यकारी अध्यक्ष धर्मचंद दाखिया, महामंत्री धर्मेंद्र पासरोटिया, सहमंत्री ओम प्रकाश ककोड़, विमल बरवास, राजेश बोरदा, रमेश काला, प्रदीप नगर, रिंकू बोरदा और अनिल सर्राफ सहित समाज के कई पदाधिकारी, सदस्य और महिलाएं शामिल हुईं।
इस मौके पर सुरेंद्र अजमेरा, नेमीचंद बनेठा और श्यामलाल जैन ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि संसार की मोह-माया छोड़कर मोक्ष के रास्ते पर आगे बढ़ना पुण्य और गौरव की बात है। उन्होंने महावीर प्रसाद जैन के वैराग्य भाव की सराहना करते हुए उनके दीक्षा जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।
दुकान चलाते हैं, दो बेटे और पांच पोते-पोतियां
बनेठा के रहने वाले महावीर प्रसाद जैन गांव में दुकान चलाते हैं। उनके परिवार में दो बेटे, एक पोता और चार पोतियां हैं। उनके माता-पिता और पत्नी का निधन हो चुका है। अब वे सांसारिक जीवन छोड़कर जैनेश्वरी दीक्षा लेने जा रहे हैं।
श्री दिगंबर जैन समाज अमीरगंज, टोंक ने भी महावीर प्रसाद जैन के इस फैसले की सराहना करते हुए उनके दीक्षा जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।






