टोंक में करीब सवा महीने से ज्वाइनिंग का इंतजार कर रहे टोंक समेत प्रदेशभर के 1644 चयनित वरिष्ठ अध्यापकों को जल्द पोस्टिंग मिलेगी। इनका पदस्थापन का रास्ता साफ हो गया है।

इन्हें 17 अगस्त को स्कूल मिल जाएगा। इसके आदेश संयुक्त निदेशक करेंगे काउंसलिंग और पदस्थापन ने जारी कर दिए है। ये 4 जुलाई से इंतजार कर रहे है।
इधर शिक्षक संघ रेसटा की मांग पूरी होने पर इसके प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने शिक्षा मंत्री एवं निदेशक का आभार जताते हुए उम्मीद जताई है कि इनकी पोस्टिंग होते ही शैक्षणिक सुधार होगा।
ज्ञात रहे कि माध्यमिक शिक्षा निदेशालय राजस्थान ने राज्य के सभी संयुक्त निदेशकों को राजस्थान लोक सेवा आयोग,अजमेर द्वारा आयोजित वरिष्ठ अध्यापक विभिन्न विषय (मा.शि.) परीक्षा-2024 में गैर-अनुसूचित एवं अनुसूचित क्षेत्र के लिए अन्तिम रूप से 1698 चयनित वरिष्ठ अध्यापकों का पदस्थापन नहीं हुआ है।
हालांकि इन्हें संभाग आवंटित कर कर दिया था। इनके लिए अभी निदेशालय के निर्देशों की पालना में ओरिएंटेशन प्रोग्राम के संबंधित संभाग के अधीन जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डाइट) में उपस्थिति के लिए निर्देशित किया गया था।
ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में प्राथमिकता के आधार पर नियुक्ति हाेगी
शाला दर्पण जयपुर/बीकानेर से समन्वय स्थापित कर प्रस्तावित कार्यक्रम अनुसार सीधी भर्ती से चयनित कार्मिकों का पदस्थापन ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से किया जाना सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए है। जिसका कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ललित कुमार के अनुसार इन शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में प्राथमिकता के आधार पर नियुक्ति दी जाएगी।
भर्ती परीक्षा में अंतिम रूप से चयनित एवं पात्र 1698 अभ्यर्थियों में से 1644 अभ्यर्थियों के दस्तावेजों के वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और रिपोर्ट विभागीय वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। अब शाला दर्पण-स्टाफ सिलेक्शन एंड पोस्टिंग मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन काउंसलिंग कर इन्हें स्कूलों का आवंटन किया जाएगा।
कार्यग्रहण के लिए मिलेंगे तीन सप्ताह:
चयनित वरिष्ठ अध्यापकों को अंतिम नियुक्ति आदेश जारी होने के बाद तीन सप्ताह में कार्य ग्रहण करना होगा। जारी नियुक्ति आदेशों की प्रति विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करने के साथ-साथ अनिवार्य रूप से ईमेल के माध्यम से भी भिजवाने के निर्देश दिए गए हैं।
निजी विश्वविद्यालय से बी.एड करने वालों पर विशेष नजर
निदेशालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन अभ्यर्थियों ने राजस्थान राज्य के निजी विश्वविद्यालयों से बी.एड परीक्षा उत्तीर्ण की है, उनके दस्तावेजों की गहनता से जांच की जाए।
यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उनका प्रवेश राज्य स्तरीय काउंसलिंग के माध्यम से हुआ हो और संबंधित संस्थान को एनसीटीई से मान्यता प्राप्त हो। इन साक्ष्यों की पूर्ण जांच उपरांत ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ये रहेगा काउंसलिंग का विस्तृत कार्यक्रम
आदेश के अनुसार काउंसलिंग प्रक्रिया के राहत 13 अगस्त को संभाग में आवंटित विषयवार चयनित -अभ्यर्थियों की अस्थाई वरीयता सूची जारी की जाएगी और उस पर आपत्तियां आमंत्रित की जाएगी। फिर14 अगस्त को प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण कर स्थाई वरीयता सूची जारी की जाएगी।
14 अगस्त को ही दोपहर 12:30 बजे ग्रामीण क्षेत्र के -विद्यालयों, पीएमश्री विद्यालयों, विवेकानंद मॉडल स्कूलों और भामाशाह विद्यालयों में वरिष्ठ अध्यापक के रिक्त पदों को ऑनलाइन प्रदर्शित किया जाएगा। 14 अगस्त को दोपहर 1 बजे से 17 अगस्त को दोपहर 1 बजे तक अपने स्कूलों के विकल्प लॉक कर सकेंगे। 17 अगस्त को काउंसलिंग का परिणाम डाउनलोड कर उसकी जांच की जाएगी और पदस्थापन संबंधी अंतिम आदेश जारी कर दिए जाएंगे।
राज्य के सभी डाइटों में ले रहे ओरिएंटेशन का प्रशिक्षण
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने चयनित वरिष्ठ अध्यापकों को पिछले महीने ऑनलाइन विकल्प लेकर संभाग आवंटित किए थे। नव चयनित वरिष्ठ अध्यापकों को 4 जुलाई को नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिए गए थे। वर्तमान में सभी नव नियुक्त शिक्षक जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डाइट) में ओरिएंटेशन का प्रशिक्षण ले रहे हैं।
पहले यह प्रशिक्षण 15 जुलाई तक निर्धारित था। जिसे बाद में 27 जुलाई तक बढ़ाया गया। फिर इसे 5 अगस्त फिर 21 अगस्त तक बढ़ाया गया था।
बोर्ड परीक्षार्थियों को मिलेगा ज्यादा फायदा
शिक्षक संघ रेसटा के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने बताया कि उनका संगठन लगातार राज्य भर के चयनित वरिष्ठ अध्यापकों का स्कूलों में जल्द पदस्थापन की मांग कर रहा था। चयनित वरिष्ठ अध्यापकों के लिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डाइट) में पहली बार ओरिएंटेशन प्रोग्राम चलाया गया था। जिसके कारण पदस्थापन देरी हुई ।
शिक्षक संघ रेसटा की मांग पर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने इनके पदस्थापन के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग कार्यक्रम जारी कर दिया है जिससे अब राज्य के सरकारी स्कूलों में कक्षा 8 एवं 10 वीं बोर्ड कक्षाओं को विषयाध्यापक मिल सकेंगे। इससे शैक्षणिक व्यवस्था और सुदृढ़ होगी






