राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग की शिक्षक क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता में तहसील स्तर पर 24-25 अगस्त को चयन होगा, जबकि महिला शिक्षकों का चयन सीधे जिला स्तर पर किया जाएगा। जिला स्तर की प्रतियोगिता और दल गठन 8-9 सितंबर को होगा।

राज्य स्तरीय प्रतियोगिता से पहले 26-27 दिसंबर को प्रशिक्षण और 30-31 दिसंबर को मुख्य प्रतियोगिता आयोजित होगी। प्रतियोगिता में खेलों के साथ विभिन्न सांस्कृतिक स्पर्धाएं भी शामिल रहेंगी। विभाग ने 37वीं राज्य स्तरीय शिक्षक क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता की समय सारिणी जारी की है।
तीन वर्गों में होंगी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं
राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं को व्यवस्थाओं और आवासीय सुविधाओं के आधार पर तीन वर्गों में बांटा गया है। उदयपुर संभाग के पुरुष वर्ग में बास्केटबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, शतरंज और एथलेटिक्स की स्पर्धाएं प्रतापगढ़ के सेंट पॉल स्कूल और दौसा के पीएम श्री अशोक शर्मा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, लालसोट में होंगी। जयपुर संभाग के पुरुष वर्ग में कबड्डी, फुटबॉल, वॉलीबॉल और सुगम संगीत, सामूहिक गान, एकाभिनय व विचित्र वेशभूषा जैसी सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं होंगी। भरतपुर संभाग के महिला वर्ग की प्रतियोगिताएं सवाईमाधोपुर के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, गंगापुर सिटी में होंगी। इसमें वॉलीबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, एथलेटिक्स और सांस्कृतिक स्पर्धाएं शामिल हैं।
कौन ले सकेगा हिस्सा
प्रतियोगिता में राजकीय शिक्षण संस्थाओं के पात्र शिक्षक और पंचायतराज विभाग के स्कूलों में कार्यरत शिक्षक भाग ले सकेंगे। महिला वर्ग में तहसील स्तर पर चयन नहीं होगा, उनका सीधे जिला स्तर पर चयन और दल गठन किया जाएगा। एनआईएस के खेल विशेष में एक वर्षीय पाठ्यक्रम पास शिक्षक उसी खेल में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
शिक्षक संघ ने औचक निरीक्षण की मांग की
शिक्षक संघ रेसटा राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने ब्लॉक और जिला स्तर की प्रतियोगिताओं में विभागीय अधिकारियों से औचक निरीक्षण की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में भाग लेने वाले शिक्षकों को ही उपस्थिति दी जाए। उनका आरोप है कि कई शिक्षक केवल उपस्थिति के लिए प्रतियोगिताओं में शामिल होते हैं। संघ ने प्रतियोगिताओं में कड़े नियम लागू करने और इन्हें सार्थक बनाने की मांग की है।






