सौंप, 5 घंटे पहले

हर वर्ष की तरह इस साल भी सोप गांव में प्राचीन धनसिंह बाबा के स्थान पर विशाल खीर-पुआ भंडारा हुआ। भंडारे से पहले गांव के लोगों ने एकजुट होकर धनसिंह बाबा का विधि-विधान से पूजन किया। क्षेत्र की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।

पूजा के बाद बाबा को खीर-पुआ का भोग लगाया। इसके बाद भंडारे की शुरुआत हुई। ग्रामीणों ने बताया कि धनसिंह बाबा का यह स्थान आस्था का प्राचीन केंद्र माना जाता है। हर साल ग्रामीण श्रद्धा से यहां जुटते हैं। बाबा की पूजा करते हैं। इस परंपरा से पूरे गांव की आस्था जुड़ी है। मान्यता है कि क्षेत्र की सुख-शांति और खुशहाली के लिए इस दिन ग्रामीण अपने पशुओं के दूध से खीर बनाते हैं। बाबा को भोग लगाते हैं। ग्रामीणों के अनुसार धनसिंह बाबा को पशु और ग्वाले विशेष प्रिय माने जाते हैं। इसी आस्था के चलते लोग अपने पशुधन के साथ बाबा के स्थान पर पहुंचे। पूजा-अर्चना की। खीर-पुआ का प्रसाद बनाने में गांव के लोगों ने मिलकर सहयोग किया। भंडारे में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रसाद ग्रहण किया। गांव में श्रद्धा और भक्ति का माहौल रहा। ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों से चली आ रही यह परंपरा आज भी गांव को एक सूत्र में बांधती है। आने वाली पीढ़ी भी इसे श्रद्धा से आगे बढ़ाएगी।




