टोंक, 5 घंटे पहले

नगर निकाय चुनाव के तहत शुक्रवार को नगर परिषद टोंक सहित जिले के पांच निकायों पर मतदान सम्पन्न हुआ। लेकिन लोकतंत्र के पर्व में वोट डालने का उत्साह लेकर मतदान केंद्र पहुंचे मतदाताओं को गुरुवार को कई जगह ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा, जिसने मतदान व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। किसी मतदाता का नाम सूची में नहीं मिला तो किसी ने शिकायत की कि उसका वोट पहले ही कोई और डाल गया। फर्जी मतदान के आरोपों को लेकर प्रत्याशी सड़क पर उतर आए और कुछ बूथों पर समर्थकों के बीच विवाद की स्थिति बनी। पुलिस ने मोर्चा संभालकर हालात नियंत्रित किए, लेकिन मतदान के दिन सामने आई ये तस्वीरें चुनावी व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल छोड़ गईं। वही मॉक पॉल व मतदान के दौरान छह सीयू मशीनें भी बदलनी पड़ी।

वार्ड 48 के नगर परिषद स्थित बूथ पर लाली देवी मतदान करने पहुंचीं, लेकिन उन्हें बताया गया कि उनका वोट पहले ही डाला जा चुका है। महिला ने आपत्ति जताई। निर्वाचन अधिकारियों ने समझाइश देकर आगे की प्रक्रिया शुरू की। जिले में कई स्थानों पर इस तरह की शिकायतें सामने आने से मतदाता सूची और पहचान सत्यापन की व्यवस्था पर सवाल उठे। वही डिग्गी में मतदान के दौरान वार्ड 17-18 के पोलिंग बूथ तक जाने के रास्ते को लेकर भाजपा-कांग्रेस समर्थकों में कहासुनी हो गई। मुख्य मार्ग के बजाय पीछे के रास्ते से मतदाताओं के पहुंचने पर विरोध किया गया। वही इस दौरान प्रशासन व पुलिस का माकूल बंदोबस्त रहा। एसपी रोशन मीणा ने भी कई बूथों पर जाकर सुरक्षा व्यवस्था जांचते हुए अधिकारियों व उपस्थित जाब्ते को जरुरी निर्देश दिए। टोंक के वार्ड 55 में वोटिंग के दौरान 100 से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में नहीं होने की बात सामने आई। सभी प्रत्याशियों का कहना था कि इनमें कई ऐसे लोग हैं, जिन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों में मतदान किया था, लेकिन अभी सूची में उनका नाम नहीं है। लोगों का कहना था कि एसआईआर के दौरान वेरिफिकेशन भी कराया गया, इसके बावजूद इस बार सूची से नाम गायब हैं। मतदान केंद्र तक पहुंचने के बाद नाम नहीं मिलने पर मतदाता निर्वाचन विभाग और बीएलओ के प्रति नाराजगी जताने के बावजूद लोग वोट नहीं डाल सके।




