
किसानों को निर्धारित कीमत पर खाद देने सहित अन्य मांगों की पर नरेश मीणा की यात्रा पांचवें दिन मंगलवार को टोंक पहुंची। नरेश ने कहा- किसानों के हक की लड़ाई जारी रहेगी। कल जयपुर पहुंच जाऊंगा और जो भी किसानों के हितैषी हैं, वे मेरे इस आंदोलन में कल शिवदासपुरा पहुंचे।

इस बार शुरू से चाहता था कि प्रशासन हमारी मांगें मान ले तो मैं आमरण अनशन खत्म कर दूंगा। किसान यात्रा स्थगित कर दूंगा, लेकिन बारां कलेक्टर बातचीत की कहकर मांगरोल नहीं आए तो जयपुर कूच आगे बढ़ गया।
हो सकता है बिरला ने नाराज होकर अधिकारियों को रोका हो
फिर सोमवार को भी पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा की जयपुर में कृषि विभाग से लेकर अन्य बड़े अफसरों की बातचीत हुई। वार्ता के लिए आने को तैयार हो गए , लेकिन वे भी बाद में नहीं आए। मैंने इस खाद की किल्लत और ज्यादा रेट वसूलने के लिए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को जिम्मेदार ठहराया था। गांव-ढाणी में उनके पुतले जलाने का आह्वान किया था। हो सकता है उससे नाराज होकर बिरला ने अधिकारियों को वार्ता के लिए मना कर दिया हो। जब तक सांस है तब तक मेरा आमरण अनशन किसानों की समस्याओं के लिए जारी रहेगा।
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नरेश मीणा की यात्रा टोंक पहुंची है।

वे निवाई में रुकेंगे और सुबह जयपुर के लिए रवाना होंगे।

रास्ते में लोगों ने मीणा का स्वागत किया।
थाने में हाजिरी देने पहुंचे
जयपुर कूच के दौरान हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिलने के बाद नरेश मीणा नगरफोर्ट थाने में हाजिरी देने पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार यह न सोचे कि कोर्ट ने उनके हाथ बांध दिए हैं। नरेश मीणा ने टोंक कलेक्टर टीना डाबी की तारीफ करते हुए कहा कि उनके काम से संतुष्ट हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर कलेक्टर अपने स्तर की समस्याओं का समाधान कर सकती हैं, लेकिन प्रदेशभर के किसानों की खाद संबंधी समस्या का समाधान सरकार को करना होगा। उन्होंने दावा किया कि उनियारा क्षेत्र में कुछ स्थानों पर खाद के साथ जबरन अटैचमेंट दिए जा रहे हैं और निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूले जाने की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने ऐसे खाद विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
शहीद स्मारक पर आंदोलन
नरेश मीणा ने बताया कि वे मंगलवार रात निवाई में रहेंगे और इसके बाद बुधवार को जयपुर के लिए रवाना होंगे। जयपुर पहुंचकर शहीद स्मारक पर किसानों की मांगों को लेकर आंदोलन किया जाएगा। उनकी प्रमुख मांगों में किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराना, निर्धारित दर पर खाद देना, खाद के कट्टों के साथ किसी भी प्रकार का अतिरिक्त सामान नहीं देना तथा किसानों को दिन में पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराना शामिल है। पंचायत चुनाव को लेकर नरेश मीणा की ओर से आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन और अन्य क्षेत्रीय दलों से बातचीत की बात पहले भी सामने आ चुकी है।




