
निवाई के श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में 11वें तीर्थंकर भगवान श्रेयांसनाथजी का निर्वाण कल्याणक महोत्सव मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान शांतिनाथ और भगवान श्रेयांसनाथजी के समक्ष सुशील कुमार, नीरा जैन, महावीरप्रसाद पराणा, विनोद मोठूका और राजेन्द्र बगड़ी ने दीप प्रज्वलित कर किया।
चातुर्मास कमेटी के प्रवक्ता सुनील भाणजा एवं विमल जौंला ने बताया कि महोत्सव के दौरान भगवान श्रेयांसनाथजी को निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। श्रद्धालुओं ने मंडप पर 700 मुनियों को श्रीफल अर्पित कर पुण्यार्जन किया। इस दौरान आचार्य अकम्पनाचार्य सहित 700 मुनिराजों पर हुए उपसर्ग की घटना का स्मरण करते हुए विधिवत पूजा-अर्चना की गई।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
भगवान श्रेयांसनाथजी को निर्वाण लाडू चढ़ाने तथा आर्यिकाओं को वस्त्र भेंट करने का सौभाग्य विनोद कुमार, सत्यनारायण, गिर्राज प्रसाद एवं महेश कुमार जैन मोठूका को प्राप्त हुआ।
आर्यिका सुलक्ष्यमति माताजी और बाल ब्रह्मचारिणियां लब्धि दीदी, प्राप्ति दीदी एवं वंशिका दीदी ने मंत्रोच्चार के साथ भगवान श्रेयांसनाथजी की विधिवत पूजा-अर्चना करवाई। अंकित एंड पार्टी ने भजनों की प्रस्तुतियां देकर माहौल को भक्तिमय बना दिया।
जैन लीगल फोर्स पत्रिका का विमोचन
महोत्सव के दौरान जयपुर की जैन लीगल फोर्स पत्रिका का जयघोष के साथ विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में केकड़ी, जयपुर, टोंक, सांगानेर, नेनवां सहित विभिन्न स्थानों से श्रद्धालु पहुंचे और उत्साहपूर्वक धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल हुए।
आचार्य सुन्दर सागर महाराज एवं आर्यिका सुलक्ष्यमति माताजी ने श्रद्धालुओं को भगवान के जीवन तथा मुनिराजों के त्याग, तपस्या और संयम से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान के आदर्शों को जीवन में उतारकर धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए।
महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं ने जैन साधु-साध्वियों को 21 राखियां भी बांधीं। इस अवसर पर मंदिर परिसर में दिनभर धार्मिक एवं भक्तिमय वातावरण बना रहा।
इन्होंने लिया भाग
आचार्य सुन्दर सागर महाराज, मुनि श्रुतांश सागर महाराज, आर्यिका चिन्तनमति माताजी एवं आर्यिका सुलक्ष्यमति माताजी संघ के सानिध्य में आयोजित महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।




