
टोंक में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की कार्यप्रणाली में अनियमितता का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को जिला अभिभाषक संघ टोंक के अध्यक्ष विकास लोदी के नेतृत्व में वकीलों ने तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। साथ ही 21 अगस्त तक जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग का कार्य बहिष्कार किया है।
जिला अभिभाषक संघ टोंक के सदस्यों ने ज्ञापन में उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग टोंक की कार्य प्रणाली में अनियमितता की शिकायत उच्च अधिकारियों से की है।
पत्र में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग टोंक में काफी अधिक संख्या में परिवादों के लम्बित होने और उन परिवादों में आवश्यक कानूनी कार्रवाई नहीं होना तथा आयोग की एक मात्र सदस्या ने कम्पनियों एवं विभागों से मिलीभगत करके आयोग ने जारी निर्णयों पर अपने साइन नहीं करके अलग से टिप्पणियां करने के आरोप लगाए है। जिससे समय पर फाइलों में निर्णय नहीं हो पा रहा है।
दोनों के अलग-अलग निर्णय पारित होते है
वहीं फाइल राज्य आयोग को भेजी जा रही है। जिसका एकमात्र कारण आयोग के अध्यक्ष और सदस्या के बीच आपसी सामंजस्य का अभाव होना है। इस कारण ही परिवादी पक्ष को समय पर न्याय नहीं मिल पा रहा है। पत्र में लिखा है कि परिवादों में अध्यक्ष व सदस्य दोनों के अलग-अलग निर्णय पारित होते है, इससे न्याय में देरी होती है।
पत्र में लिखा है कि जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग उपभोक्ताओं को सुलभ न्याय दिलाने के लिए बनाया गया है, लेकिन टोंक में आयोग की मंशा के विपरीत कार्य होने से सभी अधिवक्ता में भारी रोष व्याप्त है।
पूरी तरह से कार्य बहिष्कार किया जाएगा
जिला अभिभाषक संघ टोंक अध्यक्ष विकास लोदी ने बताया कि अभिभाषक संघ टोंक की कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि 14 से 21 अगस्त तक जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग टोंक के अध्यक्ष और सदस्या की कार्यप्रणाली का पूरी तरह से कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
समय पर न्याय मिले
जिला अभिभाषक संघ टोंक ने मांग की है कि ऐसी व्यवस्था हो कि जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग टोंक के अधिकारी सुचारू रूप से एकमत होकर कार्य करें। जिससे पक्षकारों को समय पर न्याय मिले। साथ ही राज्य को अनावश्यक आर्थिक भार वहन नहीं करना पड़े। वहीं दूसरी तरफ आयोग के टोंक के अध्यक्ष प्रशांत कुमार शर्मा ने कहा- पहले हमारे संज्ञान में लाना चाहिए।




