
रविवार को रानोली कस्बे से राज राजेश्वरी चौथ माता की 15वीं पदयात्रा गाजे-बाजे के साथ रवाना हुई। श्रद्धालुओं के मन में मनोकामनाएं थीं, हाथों में आस्था की ध्वजा थी और मुख पर मातारानी के जयकारे थे। पदयात्रा शुरू होते ही पूरे कस्बे में भक्ति का माहौल बन गया।
यात्रा शुरू होने से पहले कस्बे के बीजासन माता मंदिर में धार्मिक कार्यक्रम हुआ। पंडित अशोक कुमार पाराशर ने बीजासन माता, चौथ माता की प्रतिमा, पदयात्रा रथ और पवित्र ध्वज की मंत्रोच्चार के साथ पूजा करवाई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने मिलकर माताजी की महाआरती की।
आरती के बाद ढोल-नगाड़ों की थाप और माता के जोरदार जयकारों के साथ पदयात्रा आगे बढ़ी। यह यात्रा कस्बे के पुराने बाजार, बस स्टैंड और घाणा चौराहा होते हुए मुख्य मार्ग से गुजरी। रास्ते में जगह-जगह कस्बेवासियों ने फूल बरसाकर और श्रद्धालुओं को अल्पाहार देकर उनका स्वागत किया।
पदयात्रा समिति से जुड़ें कमलेश तंवर और मुकेश यादव ने बताया कि यह 4 दिन की यात्रा है। इसका पहला रात्रि विश्राम रविवार को कंकाली माता मंदिर (टोंक) में होगा। दूसरे दिन सोमवार को यात्रा बनेठा पहुंचेगी, जहां श्रद्धालु भंडारे में रुकेंगे।
तीसरे दिन पदयात्री चौथ का बरवाड़ा स्थित मीणा धर्मशाला पहुंचेंगे। चौथे दिन पदयात्रा अपनी मंजिल मां चौथ माता के दरबार में पहुंचेगी। यहां श्रद्धालु माता के दर्शन और पूजा कर ध्वज चढ़ाएंगे।
इस धार्मिक कार्यक्रम में अमर चंद जैन, दिलीप तंवर, बाबूलाल लक्षकार, पूर्ण तंवर, रामबाबू सोलंकी, सुरेश टेलर, सत्यनारायण तंवर, नितेश तंवर, इंद्र विजय और कालूराम धोबी सहित बड़ी संख्या में पुरुष, महिला और युवा पदयात्री मौजूद रहे।




