निवाई, 2 घंटे पहले

निवाई में सकल दिगम्बर जैन समाज 16 सितंबर से दस दिवसीय पर्युषण दशलक्षण पर्व मनाएगा। यह पर्व आचार्य सुन्दर सागर महाराज संघ के सानिध्य में शुरू होगा। इसमें दस दिनों तक भजनों के साथ दशलक्षण धर्म की विशेष पूजा अर्चना की जाएगी।

चातुर्मास कमेटी के प्रवक्ता सुनील भाणजा ने बताया – पर्व 16 से 25 सितंबर तक चलेगा। क्षेत्र में कल जैन समुदाय रोठ तीज त्यौहार भी मनाएगा।
16 सितंबर को ध्वजारोहण
पर्व की शुरुआत 16 सितंबर की सुबह होगी। आचार्य सुन्दर सागर महाराज, आर्यिका चिन्तन मति माताजी और आर्यिका सुलक्ष्य मति माताजी संघ के सानिध्य में मंत्रोच्चार के साथ ध्वजारोहण किया जाएगा। इसके बाद मंगल कलश स्थापित होगा। श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में 16 सितंबर से उत्तम क्षमा, मार्दव, आर्जव, शौच, सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन और उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की विशेष संगीतमय पूजा अर्चना की जाएगी।
शिविर भी लगेगा
इस दस दिवसीय पर्युषण पर्व के दौरान धार्मिक प्रशिक्षण और आध्यात्मिक शिविर भी लगेगा। इसमें 200 लोगों का पंजीकरण कर चयन किया गया है। शिविर में सुबह 5 से 6:30 बजे तक ध्यान और योगा क्रियाएं होंगी। इसके बाद श्रीजी का अभिषेक और शांतिधारा की जाएगी।
दोपहर में तत्त्वार्थ सूत्र पर चर्चा, स्वाध्याय, प्रतिक्रमण और जाप होगा। शाम को आगम समाधान जिज्ञासा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद महाआरती, दिव्य देशना, भजनामृत और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे।
आचार्य सुन्दर सागर महाराज ने बताया कि पर्युषण पर्व सिर्फ जैन धर्म का नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, संयम और क्षमा भाव की साधना का पर्व है। यह हमें संसार की मोह माया से दूर होकर खुद को जानने, कर्मों को खत्म करने और जीवन को आध्यात्मिक रूप से शुद्ध बनाने का मौका देता है।




