
निवाई में ब्यावर-भरतपुर एक्सप्रेसवे के प्रस्तावित मार्ग की दिशा बदलने और इसके निर्माण को रोकने की मांग को लेकर निवाई तहसील के 23 गांवों के किसानों ने उपखंड कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया। किसान महापंचायत के निवाई ब्लॉक अध्यक्ष दशरथ सिंह पलेई के नेतृत्व में किसानों ने उपखंड अधिकारी गंभीर सिंह को ज्ञापन सौंपा। इसमें एक्सप्रेसवे से प्रभावित होने वाले किसानों की समस्याओं का उल्लेख किया गया।
कहां-किसानों की कृषि भूमि होगी प्रभावित
ज्ञापन में किसानों ने बताया कि प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के निर्माण से बड़ी मात्रा में कृषि भूमि प्रभावित होगी। किसानों ने आशंका व्यक्त की कि भूमि अधिग्रहण के बाद उनके सामने खेती और रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा। उनका कहना है कि इससे गांवों में बेरोजगारी बढ़ेगी और किसान परिवारों की आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
मुआवजे की राशि को लेकर जताया असंतोष
किसानों ने मुआवजा राशि को लेकर भी असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि अधिग्रहित भूमि का उचित मुआवजा नहीं मिला, तो प्रभावित किसान परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो जाएगा। किसानों ने प्रशासन से प्रस्तावित मार्ग की समीक्षा करने और एक्सप्रेसवे की दिशा बदलने की मांग की है।
किसान नेता देवी सिंह ने बताया- एक्सप्रेसवे के मुद्दे पर किसानों में भारी आक्रोश है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आगे की रणनीति तय करेंगे। किसानों ने प्रशासन से प्रभावित गांवों के किसानों की आपत्तियों और समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए मार्ग पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया।
ये रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान रामफूल, सरपंच रमेश यादव, महावीर गुर्जर, सुगन सिंह, कालूराम बैरवा, रामरतन गुर्जर, देवी नारायण, जंसीलाल लुणेरा, देवीलाल, इंद्र मीणा, भागुता लुणेरा, हनुमान और मुकेश जाट सहित 23 गांवों के कई किसान उपस्थित थे।






