
नासिरदा। देवली तहसील की उपतहसील नासिरदा से शिवभक्तों ने शनिवार को तीसरी कावड़ यात्रा का भव्य शुभारंभ किया। कावड़ यात्रियों ने बीसलपुर महादेव के दर्शन एवं पूजा-अर्चना के बाद पैदल यात्रा शुरू की।

यात्रा के दौरान पूरा मार्ग हर-हर महादेव और भोलेनाथ के जयकारों से गूंज उठा। बड़ी संख्या में शिवभक्त भगवा वस्त्र धारण कर कावड़ लेकर यात्रा में शामिल हुए।
तीन दिवसीय इस धार्मिक यात्रा के दौरान शिवभक्त विभिन्न पड़ावों से होते हुए नासिरदा पहुंचेंगे। यात्रा का पहला विश्राम भासू गांव में किया गया, जहां कावड़ यात्रियों ने रात्रि विश्राम किया। इसके बाद यात्रा ब्राह्मणी माता, बघेरा के लिए रवाना होगी, जहां रविवार को शिवभक्तों का विश्राम रहेगा।

यात्रा के अंतिम दिन सोमवार को कावड़ यात्री नासिरदा पहुंचेंगे, जहां लक्ष्मीनाथ जी मंदिर परिसर में विधि-विधान से भगवान महादेव का जलाभिषेक किया जाएगा। बीसलपुर से पवित्र जल लेकर निकले शिवभक्तों द्वारा महादेव के अभिषेक के साथ यात्रा का धार्मिक रूप से समापन किया जाएगा।
भगवा रंग में रंगा नजर आया कावड़ यात्रा का माहौल
कावड़ यात्रा में युवाओं सहित बड़ी संख्या में शिवभक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हाथों में भगवा ध्वज और कंधों पर कावड़ लेकर चल रहे शिवभक्तों में भगवान शिव के प्रति गहरी आस्था और उत्साह देखने को मिला। यात्रा के दौरान श्रद्धालु भक्ति गीतों और जयकारों के साथ आगे बढ़ते नजर आए।
पुलिस विभाग का मिला पूर्ण सहयोग
कावड़ यात्रा के दौरान पुलिस विभाग की ओर से भी सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं में सहयोग किया गया। दिनेश जी मीणा एवं उनके साथी पुलिसकर्मियों ने यात्रा के दौरान पूर्ण सहयोग प्रदान किया। पुलिस सहयोग के चलते कावड़ यात्रा शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ रही है।

बजरंग दल के सदस्यों ने संभाली यात्रा की जिम्मेदारी
तीसरी कावड़ यात्रा का आयोजन बजरंग दल नासिरदा के सदस्यों की ओर से किया गया। आयोजन में अम्बालाल धाकड़, शैतान सिंह धाकड़, रामा धाकड़ सहित बजरंग दल के अन्य सदस्यों और शिवभक्तों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। आयोजकों ने यात्रा को सफल बनाने के लिए व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाई।

कावड़ यात्रा के प्रति क्षेत्रवासियों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। सोमवार को नासिरदा पहुंचने पर शिवभक्तों द्वारा लक्ष्मीनाथ जी के प्रांगण में भगवान महादेव का अभिषेक किया जाएगा, जिसको लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। यात्रा के माध्यम से क्षेत्र में भक्ति, आस्था और सामाजिक एकता का संदेश भी देखने को मिल रहा है।






