टोंक, 4 घंटे पहले

नवसाक्षरों की बुनियादी साक्षरता परीक्षा 4 अक्टूबर को होगी। इसके लिए कलेक्टर टीना डाबी ने भी अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए हैं।
केंद्र और राज्य सरकार की ओर से संचालित नव भारत साक्षरता कार्यक्रम (उल्लास ऐप) के तहत 4 अक्टूबर को इस सत्र की प्रथम बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता मूल्यांकन परीक्षा होगी। परीक्षा में टोंक जिले के 50 हजार से अधिक नवसाक्षर शामिल होंगे।

नवसाक्षर परीक्षार्थी अपनी पढ़ाई-लिखाई और बुनियादी गणित संबंधी दक्षता का मूल्यांकन कराएंगे। खास बात यह है कि परीक्षा में 16 वर्ष से लेकर 80 वर्ष तक की आयु के असाक्षर भी भाग लेंगे। इसके माध्यम से ऐसे लोगों को बुनियादी शिक्षा एवं संख्यात्मक ज्ञान से जोड़कर साक्षरता की मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जा रहा है।
7 ब्लॉक में तैयारियां पूरी
जिला साक्षरता एवं सतत शिक्षा अधिकारी तुलसीदास ने बताया- निदेशालय की ओर से टोंक जिले को 50 हजार असाक्षरों को साक्षर बनाकर मूल्यांकन परीक्षा में शामिल कराने का लक्ष्य दिया गया है। लक्ष्य की प्राप्ति के लिए जिले के सभी सात ब्लॉकों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
उन्होंने बताया कि परीक्षा का आयोजन जिले के राजकीय विद्यालय स्तर पर बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। परीक्षा के माध्यम से नवसाक्षरों की पढऩे-लिखने की क्षमता के साथ-साथ बुनियादी गणितीय दक्षताओं का आकलन किया जाएगा।
साक्षरता कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों एवं कार्मिकों की ओर से परीक्षा में अधिक से अधिक नवसाक्षरों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तैयारियां की गई हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य जिले में निरक्षर वयस्कों को बुनियादी शिक्षा से जोडक़र उन्हें दैनिक जीवन में पढऩे, लिखने और गणना करने में सक्षम बनाना है।




