जयपुर में देर रात घर-घर सामान पहुंचा रही महिला:बोलीं- बदमाश चेन तोड़ ले गए, स्कूटी से गिर गई थी, फिर भी ड्यूटी पूरी की

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एक दिन डिलीवरी देने जा रही थी। इसी दौरान दो बदमाश मेरे गले से सोने की चेन तोड़कर भाग गए। मैं स्कूटी से नीचे गिर गई। सारा सामान सड़क पर बिखर गया। लेकिन मैंने उठकर सामान समेटा और समय पर डिलीवरी करके वापस आई।’

ये हैं जयपुर की महिला गिग वर्कर रीटा शर्मा, जो रात में भी लोगों के घरों तक सामान पहुंचाती हैं। रीटा शर्मा ने बताया- ‘कम उम्र में मेरी शादी हो गई थी। 16 साल पहले पति अलग हो गए। तब से मैं सिंगल मदर हूं। अपने बेटे-बेटी की पढ़ाई और बेहतर भविष्य के लिए दो जॉब कर रही हूं। मैंने सिर्फ 8वीं कक्षा तक पढ़ाई की है।’

कोविड के दौरान रीटा ग्वालियर (मध्यप्रदेश) से जयपुर आई थीं। बच्चों को बेहतर फ्यूचर देने के लिए उन्होंने डिलीवरी पार्टनर का काम शुरू किया। वह शाम 6 से रात करीब डेढ़ बजे तक घर-घर सामान पहुंचाती हैं। उनका कहना है कि वह रात में सिर्फ करीब तीन घंटे ही सो पाती हैं।

रीटा बताती हैं- एक महिला होने के नाते क्विक कॉमर्स में काम करना शुरुआत में चैलेंजिंग लगा था। बच्चे ही मेरा मोटिवेशन हैं।

जयपुर में एक महिला डिलीवरी वर्कर की चुनौतियों को समझने के लिए भास्कर रिपोर्टर उनके साथ रही। आगे पढ़िए स्पेशल रिपोर्ट…

रीटा ने बताया कि कंपनी की सेफ्टी पॉलिसी के कारण रात में कस्टमर के घर के दरवाजे तक नहीं जातीं।

रीटा ने बताया कि कंपनी की सेफ्टी पॉलिसी के कारण रात में कस्टमर के घर के दरवाजे तक नहीं जातीं।

शाम 6 बजे शुरू हुआ डिलीवरी का सफर

शाम 6 बजे रीटा घर से स्टोर के लिए निकलीं तो रिपोर्टर भी उनके साथ चल दी। स्टोर पहुंचने के बाद रीटा की आईडी एक्टिव हो गई। रात करीब 11 बजे उन्हें विवेक विहार इलाके में एक ऑर्डर मिला।

सामान लेकर उन्होंने अपना बैग पैक किया और पीठ पर रख लिया। रिपोर्टर भी उनके पीछे-पीछे गई। कुछ देर बाद रीटा अपनी ड्रॉप लोकेशन पर पहुंचीं। उन्होंने कस्टमर को कॉल किया। कस्टमर ने उन्हें बिल्डिंग की लिफ्ट तक आने को कहा। रीटा ने लिफ्ट के पास ही ऑर्डर सौंप दिया। कस्टमर ने उन्हें ‘थैंक्यू’ कहा।

इस पर हमने रीटा से पूछा कि क्या वह डिलीवरी कस्टमर के घर के दरवाजे तक भी पहुंचाती हैं? रीटा ने बताया कि कंपनी की सेफ्टी पॉलिसी के तहत रात में किसी भी कस्टमर के घर के दरवाजे तक जाना मना है।

दरवाजे तक ऑर्डर नहीं पहुंचाया तो गुस्सा हुई महिला कस्टमर

स्टोर वापस पहुंचने के बाद रीटा को दूसरा ऑर्डर मिला। इस बार लोकेशन चंपानगर की थी। रीटा ने बताया- ‘यह ऐसा एरिया है, जो थोड़ा सुनसान और डरावना लगता है। लेकिन मैं रोज यहां जाती हूं। अब डर नहीं लगता।’

डेस्टिनेशन पर पहुंचने के बाद रीटा ने कस्टमर को कॉल किया। फोन एक महिला ने उठाया। महिला कस्टमर ने रीटा से ऊपर के फ्लोर तक आने को कहा।

रीटा ने उन्हें बताया कि रात में कंपनी की सेफ्टी पॉलिसी के कारण ऊपर जाना मना है और उन्हें नीचे आकर ऑर्डर लेना होगा। इस पर महिला कस्टमर झल्ला गई। उसने रीटा से कहा- ‘अगर आप ऊपर तक नहीं आ सकतीं तो आपको यह काम ही नहीं करना चाहिए।’

रीटा कुछ देर वहीं इंतजार करती रहीं। इसके बाद कस्टमर नीचे आईं। रीटा ने उन्हें ऑर्डर सौंपा और वहां से निकल गईं।

हमने रीटा से पूछा कि कस्टमर ने इस तरह बात की तो क्या उन्हें बुरा नहीं लगा? इस पर उन्होंने कहा- ‘मैम, ऐसा तो हमेशा होता है। हम हर रोज कितने ही कस्टमर से डील करते हैं। कुछ लोग अच्छे होते हैं तो कुछ इनके जैसे बदतमीज भी होते हैं।’

रीटा ने बताया कि कुछ लोग अच्छे होते हैं तो कुछ बदतमीजी से पेश आते हैं।

रीटा ने बताया कि कुछ लोग अच्छे होते हैं तो कुछ बदतमीजी से पेश आते हैं।

किसी ने कहा- पहली बार महिला डिलीवरी पार्टनर देखी

ऑर्डर डिलीवर करने के बाद रीटा वापस स्टोर आ गईं। रात करीब 12:30 बजे उन्हें एक और ऑर्डर मिला। ऑर्डर देखते ही रीटा मुस्कुराती हुई आईं और बोलीं कि इस बार भी उसी इलाके में जाना है।

इस बार लोकेशन लड़कों के एक पीजी की थी। वहां पहुंचने के बाद रीटा ने हमेशा की तरह कस्टमर को कॉल किया और नीचे आने को कहा। कुछ देर बाद एक स्टूडेंट नीचे आया। रीटा को देखकर वह मुस्कुराया।

हमने उससे पूछा कि क्या इससे पहले कभी कोई महिला डिलीवरी पार्टनर उसका सामान लेकर आई है? उसने जवाब दिया, ‘ऐसा कभी नहीं देखा। आज पहली बार पता चल रहा है कि कोई महिला भी यह काम करती है।’

रात 1 बजे मिला आखिरी ऑर्डर

रीटा को आखिरी ऑर्डर रात करीब 1 बजे मिला। इसे डिलीवर करने के लिए वह ऐसी जगह पहुंचीं, जहां वह अक्सर रात में ऑर्डर देने आती रहती हैं। यह एक सुनसान ग्राउंड था। वहां आवारा पशुओं और कुत्तों के अलावा कोई नजर नहीं आ रहा था।

स्कूटी साइड में खड़ी करने के बाद रीटा ने बताया- ‘मैं इस जगह अक्सर आती-जाती हूं। मुझे यहां कुत्तों के अलावा कभी किसी चीज से डर नहीं लगता।’

रीटा शर्मा सामान की डिलीवरी करने सुनसान इलाकों में भी जाती हैं।

रीटा शर्मा सामान की डिलीवरी करने सुनसान इलाकों में भी जाती हैं।

महिला डिलीवरी पार्टनर को देखकर जज का परिवार हुआ गर्वित

रीटा ने बताया- ‘एक बार मैं ऑर्डर डिलीवर करने पहुंची तो मेरी कस्टमर यह देखकर हैरान रह गई कि डिलीवरी पार्टनर एक महिला है। उसने तुरंत पति और बच्चों को भी बुला लिया। महिला के पति जज थे। पूरी फैमिली ने मुझसे कहा कि आपको देखकर हमें बहुत गर्व महसूस हो रहा है।’

रीटा कहती हैं कि इस तरह के पॉजिटिव रिस्पॉन्स से उन्हें काफी अच्छा लगता है और काम करने का हौसला मिलता है।

बेस्ट राइडर का अवॉर्ड भी मिला

रीटा ने बताया- ‘मुझे अच्छे काम के लिए बेस्ट राइडर का अवॉर्ड भी मिल चुका है। जहां काम करती हूं, वहां भी सभी लोग बहुत सपोर्टिव हैं।’ रीटा अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर डेली लाइफ से जुड़े वीडियो भी अपलोड करती हैं।

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