जयपुर में तबेले में चल रहा सरकारी स्कूल:छत पर टीनशेड, दीवार पर लिखा- मेरा सुरक्षित स्कूल; लेकिन दीवार ही सुरक्षित नहीं

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जयपुर के सीतापुरा क्षेत्र में स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल रामपुरा कंवरपुरा देश में चर्चा का कारण बन गया है। शुक्रवार को इस स्कूल में पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रांका और उनके साथियों पर हमला हो गया। आखिर इस स्कूल में ऐसा क्या था, जिसे दिखाने के लिए सीजेपी कार्यकर्ता वहां जा रहे थे।

भास्कर ने स्कूल की हकीकत जानी। सामने आया कि इस सरकारी स्कूल में बच्चे तबेले में पढ़ रहे हैं। छत पर टीनशेड है। इस बाड़े में 5वीं क्लास तक के बच्चों का स्कूल चल रहा है।

सबसे पहले दो शर्मनाक तस्वीर…

जो बच्चे तबेले में पढ़ रहे, उन्हें ही थमा दिए हमारा स्कूल शिक्षा का मंदिर के पोस्टर…

तस्वीर शुक्रवार सुबह की है। भास्कर टीम स्कूल पहुंची तो बच्चों को शिक्षा विभाग की तरफ से पोस्टर थमा दिए गए।

दीवार पर लिखा- मेरा सुरक्षित स्कूल, लेकिन दीवार ही सुरक्षित नहीं…

राजकीय प्राथमिक स्कूल रामपुरा कंवरपुरा में दरारें आई हुई हैं।

राजकीय प्राथमिक स्कूल रामपुरा कंवरपुरा में दरारें आई हुई हैं।

100 गज में बनी बिल्डिंग जर्जर हालत में

जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र के रामपुरा गांव में राजकीय प्राथमिक स्कूल की 100 गज में बनी बिल्डिंग जर्जर हालत में है। हालात इतने खराब है कि ग्रामीणों ने छत की पट्टियों को गिरने से रोकने के लिए लोहे के एंगल लगा दिए। इस बीच 25 जुलाई 2025 को झालावाड़ में स्कूल का कमरा गिरने के बाद रामपुरा गांव के स्कूल के जर्जर भवन को खाली करवा दिया गया था। बच्चों की पढ़ाई बंद न हो, इसलिए पास ही बने एक बाड़े में स्कूल का चलाना शुरू कर दिया गया।

150 गज के बाड़े में पढ़ते हैं बच्चे

करीब 150 गज के इस बाड़े में जहां बच्चे पढ़ते हैं, वहीं चारा रखा रहता है। जो पढ़ने की जगह से भी बड़ा है। इसके पास टीनशेड के नीचे बच्चे पढ़ाई करते हैं। सर्दी, गर्मी और बारिश के बीच ही बच्चों की पढ़ाई चल रही है।

चारा रखने की जगह के पास ही बच्चे पढ़ रहे।

चारा रखने की जगह के पास ही बच्चे पढ़ रहे।

डेढ़ साल से ग्रामीण लगा रहे गुहार

रामपुरा निवासी राजेश कुमार शर्मा ने बताया- करीब डेढ़ साल से स्कूल की हालत खराब है। झालावाड़ हादसे के बाद जब जर्जर भवन को खाली कराया गया तो सामने बने बाड़े में स्कूल चलाया जाने लगा। ग्रामीणों ने कई बार शिक्षा विभाग और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को लेटर लिखकर स्कूल की स्थिति सुधारने की मांग की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

राजेश कुमार शर्मा के अनुसार- हाल ही में स्थानीय विधायक कैलाश वर्मा ने स्वतंत्रता दिवस पर विधायक फंड से 12 लाख 50 हजार रुपए की स्वीकृति जारी की है। इसके बावजूद अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है। ग्रामीणों की मांग है कि स्वीकृत राशि से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाए, ताकि बच्चों को बाड़े में बैठकर पढ़ाई करने से मुक्ति मिल सके।

बाड़े में जमीन पर बैठकर पढ़ते हैं बच्चे।

बाड़े में जमीन पर बैठकर पढ़ते हैं बच्चे।

स्कूल ही नहीं, पूरा गांव बदहाली से परेशान

स्थानीय निवासी छोटा देवी ने कहा- गांव के हालात बदतर है। पिछले करीब पांच साल से स्कूल की स्थिति खराब होती जा रही है। ग्रामीण सरकार से लगातार गुहार लगाकर थक चुके हैं। उनका कहना है कि गांव की समस्याओं को राजनीतिक मुद्दा बनाने के बजाय सरकार को इसका समाधान करना चाहिए। उन्होंने CJP नेताओं के गांव आने का विरोध करते हुए कहा कि गांव की समस्याओं के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

स्कूल की बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है, इसलिए बंद कर दिया गया।

स्कूल की बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है, इसलिए बंद कर दिया गया।

ग्रामीण बोले- पहले स्कूल बने, राजनीति बाद में

स्थानीय निवासी लालचंद शर्मा ने कहा- गांव की जनता चाहती है कि बच्चों के लिए एक अच्छा स्कूल बने। 12 लाख रुपए से ज्यादा की राशि स्वीकृत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा- सरकार जल्द से जल्द काम शुरू कराए। यदि इसके बाद भी स्कूल निर्माण के लिए राशि कम पड़ती है तो ग्रामीण अपने स्तर पर पैसा जुटाकर बच्चों के लिए बेहतर स्कूल बनाने की कोशिश करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि उनका मकसद राजनीति नहीं, बल्कि बच्चों को सुरक्षित स्कूल उपलब्ध कराना है।

आशुतोष बोले- तबेले में पढ़ने को मजबूर बच्चों की आवाज उठाएंगे

कॉकरोच जनता पार्टी के को-कन्वीनर आशुतोष रांका ने कहा कि बगरू विधानसभा क्षेत्र के इस स्कूल की स्थिति अभी खराब नहीं हुई है, बल्कि लंबे समय से बदहाल है। उन्होंने कहा कि वह पिछले साल भी स्कूल का दौरा कर चुके हैं और उस समय भी सरकार से स्कूल की व्यवस्था सुधारने की मांग की थी, लेकिन स्थिति सुधरने के बजाय और खराब हो गई।

रांका ने कहा कि आज बच्चों को एक तबेले में बैठकर पढ़ना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द स्कूल की स्थिति नहीं सुधारी तो CJP राजस्थान सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेगी।

सीजेपी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में भाजपा कार्यकर्ता भी शामिल

जिन लोगों ने सीजेपी के खिलाफ विरोध किया, उनमें भाजपा कार्यकर्ता भी शामिल थे। जब विरोध हो रहा था तो लालचंद शर्मा नाम के स्थानीय कार्यकर्ता भी वहां मौजूद थे और विरोध कर रहे थे। उनकी फेसबुक प्रोफाइल के मुताबिक वे भाजपा के कार्यकर्ता हैं। कई भाजपा नेताओं के साथ उनकी तस्वीर भी है।

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