
आतंकी हाशिम मूसा की एनकाउंटर साइट की तस्वीर।
जम्मू-कश्मीर के बडगाम में सुरक्षाबलों ने मंगलवार देर रात लश्कर-ए-तैयबा के एक टॉप कमांडर हाशिम मूसा को मार गिराया। मुठभेड़ यूसमर्ग के कोराग इलाके में हुई। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF को यहां आतंकियों की मौजूदगी का इनपुट मिला था, जिसके बाद जॉइंट सर्च ऑपरेशन चलाया गया। तलाशी के दौरान आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी थी।

सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक मारे गए आतंकी की पहचान मूसा के तौर पर हुई है। अलग-अलग रिपोर्टों में उसका नाम सुलेमान शाह उर्फ मूसा, फौजी मूसा और मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा बताया गया है। इंडियन आर्मी ने इस एनकाउंटर को ऑपरेशन कोराग नाम दिया। इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है। सेना को यहां और भी आतंकी छिपे होने की जानकारी मिली है।
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर और बडगाम जिले में 1 से 30 सितंबर के बीच 5 आतंकी मारे गए। 5 सितंबर को बडगाम में यासिर को मार गिराया गया। 17 सितंबर को उधमपुर में दो पाकिस्तानी आतंकियों सद्दाम और मुस्तफा को ढेर किया गया। एक आतंकी का सड़ा हुआ शव इसी महीने मिला था।

एनकाउंटर में मारा गया हाशिम मूसा।
4 साल से एक्टिव लश्कर के 4 आतंकियों का ग्रुप खत्म
आतंकी हाशिम मूसा पाकिस्तानी नागरिक बताया गया है। सुरक्षा एजेंसी सूत्रों के मुताबिक, वह पाकिस्तान आर्मी के SSG का पूर्व पैरा-कमांडो था। 2022 में घुसपैठ के जरिए कश्मीर घाटी में दाखिल हुआ था।
सुरक्षा एजेंसियों की नजर 2022 से जम्मू-कश्मीर में एक्टिव लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के 4 आतंकियों के ग्रुप पर थी। इसमें जुनैद रमजान अहमद, अबू ताल्हा, यासिर और हाशिम मूसा शामिल थे।
जुनैद रमजान को दिसंबर 2024 में ही मार दिया था। उसके मोबाइल से सुरक्षाबलों को इन चारों की एक तस्वीर मिली, जिससे एजेंसियों को ग्रुप और उसके नेटवर्क की अहम जानकारी मिली।
इसके बाद ताल्हा को अप्रैल 2025 में ढेर कर दिया गया। 5 सितंबर के ऑपरेशन में यासिर मारा गया था और मूसा बच निकला था। सुरक्षा बलों को कई महीनों से इसकी तलाश थी।

2025 में पहलगाम हमले के बाद संदिग्ध आतंकियों में मूसा का स्केच जारी हुआ था। हालांकि, बाद में पता चला कि वो इस हमले में शामिल नहीं था।
28 जुलाई को एनकाउंटर के बाद मीडिया में खबरें चली थीं कि सिक्योरिटी फोर्स ने पाकिस्तानी कमांडो से आतंकी बने हाशिम मूसा को मारा है।






