
किसी बदलाव की शुरुआत हमेशा बड़े संसाधनों से नहीं होती, कई बार एक छोटी सी सोच ही बड़ी मुहिम की नींव रख देती है।

करीब तीन साल पहले कुछ युवाओं ने महसूस किया कि टोंक में प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन आर्थिक मजबूरियां कई युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और आधुनिक कौशल सीखने से रोक देती हैं। इसी सोच से शुरू हुई पहल आज मुहिम फाउंडेशन के रूप में शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में काम कर रही है। फाउंडेशन ने शुरुआत आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं के लिए नि:शुल्क आवासीय प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग से की। शुरुआती बैच में 60 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें से 20 का विभिन्न पदों पर चयन हुआ। इन परिणामों ने मुहिम से जुड़े लोगों का उत्साह बढ़ाया और इसके बाद शिक्षा के साथ रोजगार व कौशल विकास को भी अभियान में शामिल किया गया। इस पूरी मुहिम में अब्दुल कादिर खान सहित कई लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मुहिम फाउंडेशन के अब्दुल कादिर खान का कहना है कि गाइडेंस सेंटर, कोचिंग और लाइब्रेरी के साथ मिशन स्किल टोंक के तहत सिलाई व कंप्यूटर प्रशिक्षण के कई कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। रीट, सेट, थर्ड ग्रेड और आरएएस फाउंडेशन बैच के साथ एडवांस कंप्यूटर, एआई और बिजनेस वर्कशॉप भी आयोजित की जा रही हैं।
महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए निशुल्क सिलाई प्रशिक्षण केंद्र चलाया जा रहा है। यहां 150 से अधिक महिलाएं प्रशिक्षण ले रही हैं। संस्था का उद्देश्य महिलाओं को केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उस हुनर को रोजगार और आमदनी का जरिया बनाना है। इसी दिशा में महिलाओं और छात्राओं के लिए रोजगार व तालीमी जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसमें विभिन्न कोर्सों में प्रवेश, छात्रवृत्ति और ऋण, 9वीं-10वीं व मदरसे की छात्राओं के लिए निशुल्क कोचिंग, सेट व आरएएस फाउंडेशन की निशुल्क तैयारी, लड़कियों के लिए लाइब्रेरी, सिलाई व अन्य स्किल कोर्स की जानकारी दी जा रही है।
फाउंडेशन विद्यार्थियों के लिए बेसिक से एडवांस कंप्यूटर, ग्राफिक डिजाइन, डिजिटल मार्केटिंग, स्पोकन इंग्लिश, पर्सनालिटी डेवलपमेंट और इंटरव्यू स्किल्स के प्रशिक्षण पर भी जोर दे रहा है।




