‘चंपत राय बेदाग-निष्कलंक, उनका भोलापन मुसीबत बना’:उन्होंने सब पर विश्वास करके गलती की; महासचिव बनने के बाद गोविंद देव गिरि का पहला इंटरव्यू

Spread the love

‘चंपत राय बेदाग और निष्कलंक हैं। यह मैं अपने अनुभव के आधार पर कह रहा हूं। उनका भोलापन उनके लिए मुसीबत बन गया। उन्होंने सब पर विश्वास करके गलती की। लोगों की पहचान करने में उनसे चूक हुई।’

‘ट्रस्ट के दायित्व निभाने में कुछ कमियां रही हैं। अगर कोई कमी नहीं होती तो चोरी कैसे हो सकती थी? जहां कमी रही है, वहां सुधार किया जाएगा। चोरी करने वालों को सजा जरूर मिलनी चाहिए।’

ये बातें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नए महासचिव गोविंद देव गिरि महाराज ने कहीं। जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्होंने सबसे पहले दैनिक भास्कर से बात की। चढ़ावा चोरी से लेकर अपनी जिम्मेदारियों तक, हर सवालों का खुलकर जवाब दिया।

उन्होंने कहा- चढ़ावा चोरी के पीछे हमें कुछ षड्यंत्र नजर आता है। घटना हुई है तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, लेकिन पूरे घटनाक्रम को जिस तरह पेश किया गया, उस पर भी ध्यान देने की जरूरत है।

पढ़िए पूरा इंटरव्यू…

तस्वीर 4 अगस्त की है। चंपत राय चढ़ावा चोरी सामने आने के 2 महीने बाद दिखे थे।

तस्वीर 4 अगस्त की है। चंपत राय चढ़ावा चोरी सामने आने के 2 महीने बाद दिखे थे।

सवाल: महासचिव के तौर पर आपकी तीन प्राथमिकता क्या होंगी?

जवाब– पहली- यह मंदिर देव सेवा का केंद्र बने। देश के मंदिरों के लिए राम मंदिर आदर्श बने। मंदिर की व्यवस्था से लोग प्रेरणा लेकर जाएं। दूसरी- व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाना और तीसरी- अयोध्या के लोगों और मंदिर के बीच संवाद कैसे मजबूत हो। उनकी अपेक्षाओं और भावनाओं को कैसे समझा जाए। इसके लिए बेहतर संवाद व्यवस्था तैयार करना।

सवाल : अब तक ट्रस्ट में कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, अब महासचिव हैं। इसे किस तरह देखते हैं?

जवाब- प्रभु अपने चरणों में मुझे कहीं भी रखें, मेरे लिए सब बराबर है। कोषाध्यक्ष के रूप में भी मुझे समय देना पड़ता था, लेकिन अब महासचिव के रूप में ज्यादा समय देना पड़ेगा। मुझे अपनी व्यवस्था थोड़ी बदलनी पड़ेगी। प्रभु राम की सेवा के लिए जितना समय देना पड़ेगा, मैं दूंगा। मेरे लिए पद नहीं, रामलला की सेवा महत्वपूर्ण है।

सवाल : महासचिव की जिम्मेदारी संभालने से पहले आपके मन में कोई संकोच था?

जवाब- प्रभु राम की सेवा के लिए किसी तरह का संकोच नहीं होता। लेकिन, चिंता जरूर थी। पूरे साल मेरे कार्यक्रम पहले से निर्धारित रहते हैं। महासचिव का दायित्व बड़ा है, इसलिए अब मुझे समय निकालकर अयोध्या आना पड़ेगा। सवाल यह था कि समय कैसे निकाल पाऊंगा। लेकिन, मैंने तय किया कि प्रभु राम के लिए समय निकालना ही है।

स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज ने कहा- चढ़ावा चोरी करने वालों को सजा मिलनी चाहिए।

स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज ने कहा- चढ़ावा चोरी करने वालों को सजा मिलनी चाहिए।

सवाल : ट्रस्ट में पहली बार निर्मला यादव को महिला ट्रस्टी बनाया गया है। इसके पीछे क्या सोच है?

जवाब– हमें माताओं को साथ लेकर चलना चाहिए। यही मेरी सोच है। निर्मला जी की प्रोफाइल मैंने पढ़ी है। उनके अनुभव और योग्यता के अनुसार यहां उनकी आवश्यकता है। वह संस्कृत और हिंदी से एमए हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने बहुत काम किया है। उनकी योग्यता और अनुभव का लाभ ट्रस्ट को मिलेगा।

सवाल: मंदिर में आने वाले करोड़ों रुपए के चढ़ावे की निगरानी और पारदर्शिता के लिए अब क्या नई व्यवस्था बनाई जाएगी?

जवाब- कई बैंकों के लोग आकर हमें सुझाव दे चुके हैं। इस पर विचार-विमर्श के बाद व्यवस्था तय कर दी जाएगी। तब इसके बारे में विस्तार से बताया जाएगा। कोशिश यही रहेगी कि चढ़ावे की प्रक्रिया सुरक्षित और पारदर्शी हो।

सवाल: ट्रस्ट ने पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को पहला CEO बनाया है। महासचिव और CEO की जिम्मेदारियां कैसे तय होंगी?

जवाब– CEO सिर्फ महासचिव के लिए काम करने वाली व्यवस्था नहीं होगी। हमारा न्यास जो तय करेगा, उसे कैसे लागू करना है, उसकी जिम्मेदारी CEO की होगी। इसलिए दोनों के बीच तालमेल बहुत अच्छा होना चाहिए। जिम्मेदारियां अलग हैं, लेकिन लक्ष्य एक ही है।

स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज ने कहा-चंपत राय जी से व्यक्तियों की पहचान करने में भी चूक हुई।

स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज ने कहा-चंपत राय जी से व्यक्तियों की पहचान करने में भी चूक हुई।

सवाल : अगर महासचिव और CEO की राय किसी मुद्दे पर अलग होती है तो अंतिम फैसला कौन करेगा?

जवाब– ऐसा नहीं होगा, क्योंकि निर्णय अकेले महासचिव को नहीं लेना है। नीति और निर्णय न्यास करेगा और उसे लागू कराने की जिम्मेदारी CEO की होगी। जब पूरी प्रणाली इसी प्रकार निर्धारित है तो मतभेद का प्रश्न ही नहीं उठता।

सवाल : क्या आने वाले समय में ट्रस्ट के फैसलों, चढ़ावे की रकम और खर्च को सार्वजनिक करने की कोई नई व्यवस्था बनेगी?

जवाब- जरूर, हमारा प्लान है कि श्रद्धालुओं की संख्या, मंदिर में चढ़ने वाली रकम का ब्योरा रोज वेबसाइट पर डाला जाए। इसके लिए काम चल रहा है। धीरे-धीरे सभी व्यवस्थाओं को अपडेट किया जाएगा।

Related Posts

SIR का विरोध, जंतर-मंतर से 150 प्रदर्शनकारी हिरासत में:12वां मेट्रो स्टेशन भी बंद; CJP मुंबई में प्रदर्शन करेगी, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

Spread the love

Spread the loveदिल्ली में SIR के खिलाफ लेफ्ट, AAP और स्टूडेंट यूनियन ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। जंतर-मंतर से सौरभ भारद्वाज समेत 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। जंतर-मंतर…

Read more

PM मोदी ने कैप्टन स्मित से बात की, VIDEO:174 जानें बचाने वाले पायलट बोले- हनुमान चालीसा पढ़ रहा था, भगवान ने ही हमें बचाया

Spread the love

Spread the lovePM मोदी पायलट स्मित मच्छर से बातचीत करते हुए। 30 सितंबर को इजराइल जा रही प्लेन में स्मित ने सूझबूझ दिखाकर 174 लोगों की जान बचाई थी। प्रधानमंत्री…

Read more

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

करेंट अफेयर्स 2 अक्टूबर:वैभव सूर्यवंशी टाइम मैगजीन के 100 राइजिंग स्टार्स में शामिल; कोटक बैंक के MD और CEO बने अनूप कुमार

  • October 2, 2026
करेंट अफेयर्स 2 अक्टूबर:वैभव सूर्यवंशी टाइम मैगजीन के 100 राइजिंग स्टार्स में शामिल; कोटक बैंक के MD और CEO बने अनूप कुमार

भारत को 44 साल बाद एशियाड विमेंस हॉकी का गोल्ड:चीन को हराकर ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई किया; 13वें दिन इंडिया को 6 गोल्ड

  • October 2, 2026
भारत को 44 साल बाद एशियाड विमेंस हॉकी का गोल्ड:चीन को हराकर ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई किया; 13वें दिन इंडिया को 6 गोल्ड

निवाई के 25 केंद्रों पर भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा:1100 छात्र हुए शामिल, मेरिट में आने वाले छात्र जिला स्तर पर होंगे सम्मानित

  • October 2, 2026
निवाई के 25 केंद्रों पर भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा:1100 छात्र हुए शामिल, मेरिट में आने वाले छात्र जिला स्तर पर होंगे सम्मानित