
खेड़ीमानपुर, मंडालिया, बस्सी और सिरस समेत आसपास के कई गांवों में बिजली विभाग के कामकाज से ग्रामीण नाराज हैं। उनका आरोप है कि विभाग बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली सप्लाई बंद कर देता है, जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है।
भाजपा नेता जगराम मीणा ने बताया कि मौसम बदलने के साथ बिजली की जरूरत बढ़ गई है। ऐसे में अचानक बिजली बंद होने से घरों, दुकानों और किसानों को दिक्कत होती है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर तकनीकी खराबी या मेंटेनेंस के लिए बिजली काटनी हो, तो विभाग को पहले से जानकारी देनी चाहिए।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली बंद होने के बाद जब वे सिरस ग्रिड के कर्मचारियों से फोन पर संपर्क करने की कोशिश करते हैं, तो कोई फोन नहीं उठाता। इससे उन्हें यह पता नहीं चल पाता कि बिजली कब आएगी और कटौती का कारण क्या है।
जगराम मीणा ने बिजली विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि बिना सूचना के बिजली कटौती बंद की जाए। साथ ही, मेंटेनेंस या जरूरी काम के दौरान उपभोक्ताओं को समय पर सूचना दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतों के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों के फोन नियमित रूप से उपलब्ध रहने चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली सप्लाई से जुड़ी समस्या का समय पर समाधान नहीं होने पर उनकी परेशानी और बढ़ सकती है। उन्होंने विभाग के बड़े अधिकारियों से इस मामले पर ध्यान देकर नियमित और सही बिजली सप्लाई सुनिश्चित करने की मांग की है।




