
20वें अंतरराष्ट्रीय कलापर्व ‘क्रेयान्स’ के समापन पर कलाकारों को कला रत्न से सम्मानित करते टोंक के पूर्व विधायक अजीत सिंह मेहता और अन्य अतिथि।
टोंक में आयोजित 20वें अंतरराष्ट्रीय कलापर्व ‘क्रेयान्स’ में रूस, नेपाल सहित देश के 18 राज्यों से आए करीब 250 चित्रकारों और मूर्तिकारों ने अपनी कला प्रतिभा का प्रदर्शन किया। तीन दिन तक चले कलापर्व में कलाकारों ने कैनवास पर कला की अलग-अलग छटाएं उकेरकर कला प्रेमियों को प्रभावित किया।

समापन समारोह में कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कलाकारों को अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और राज्य स्तर के विभिन्न कला रत्न सम्मान से नवाजा गया। स्वतंत्र चित्रकार, मूर्तिकार और विद्यार्थी वर्ग की प्रतियोगिताओं में भी विजेता कलाकारों को पुरस्कार दिए गए।
कार्यक्रम में अतिथियों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से कलाकारों की कला में निखार आता है और अलग-अलग संस्कृतियों को समझने का मौका मिलता है। अंतरराष्ट्रीय कलापर्व का आयोजन 2 से 4 अक्टूबर तक जिला मुख्यालय स्थित शिवम मैरिज गार्डन में किया गया।

20वें अंतरराष्ट्रीय कलापर्व ‘क्रेयान्स’ के समापन पर मौजूद कलाकार।
पूर्व विधायक बोले- ऐसे आयोजनों से कला में आता है निखार
समापन समारोह के मुख्य अतिथि टोंक के पूर्व विधायक अजीत सिंह मेहता रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता बृज विश्वविद्यालय भरतपुर के कुलगुरु डॉ. मदन सिंह राठौड़ ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. भानाराम, संजय निगम, सुदर्शन राणा, डॉ. हेमलता कुमावत, कमलेश सिंगोदिया, यूसुफ एजाजी, कविता सिंघल, महेंद्र सिंह चौधरी, भगवान दास सैनी, हरिसिंह भाटी और प्रदीप गहलोत मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि अजीत सिंह मेहता ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से कलाकारों की कला में और निखार आता है। चित्रकारी के माध्यम से एक-दूसरे के कल्चर को समझने का मौका भी मिलता है।
अंतरराष्ट्रीय कला रत्न से 4 कलाकार सम्मानित
कार्यक्रम संयोजक डॉ. हनुमान सिंह खरेड़ा ने बताया कि कलापर्व के दौरान कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कलाकारों को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया गया। अंतरराष्ट्रीय कला रत्न से उत्तम डागोर, प्रो. जीतेन्द्र बी. पटेल, सुनीता राणा और सुषमा श्रेष्ठ को सम्मानित किया गया।
राष्ट्रीय कला रत्न वरिष्ठ चित्रकार सम्मान मुकुंद जेठवा, प्रदीप हरिभाऊ, प्रो. हरदर्शन सिंह सोहल, पवन कुमार, साल्वाडोर फर्नांडिज, डॉ. रजनीश हर्ष, जयंती भाई खाना भाई सुथार और सतीश कुमार पंडिता को प्रदान किया गया।
महिला और युवा कलाकारों को भी कला रत्न
राष्ट्रीय वरिष्ठ महिला कला रत्न पुरस्कार डॉ. रीना सिंह, डॉ. शशि झा और मंजू भाटिया को मिला। राष्ट्रीय युवा कलारत्न से धवल सवाभाई दानाभाई, ललित बिस्सरवाल, दीपकुमार, राजेश सिंह रावत, विवेक रंगा, अशोक महाकुर, राजीव सेमवाल, चंदन कर्मकार, प्रो. अमित कुमार, डॉ. रमेश चंद मीणा और अभिषेक कुमार को सम्मानित किया गया।
राष्ट्रीय युवा महिला कलारत्न से डॉ. लकी टोंक, टीना एस. यादव और रचना नगरकर को सम्मान मिला। राज्य कलारत्न सुभाष काकरे, राज्य महिला वरिष्ठ कलारत्न सावित्री शर्मा और डॉ. मोनिका आर. करल, राज्य युवा कला रत्न नवीन कुमार धींगड़ा और मांगीलाल महावर, राज्य युवा महिला कलारत्न डॉ. रचना जांगिड़ और कविता सिसोदिया तथा टोंक कला रत्न परसराम मीणा और रश्मि राजावत को प्रदान किया गया।
चित्रकार, मूर्तिकार और विद्यार्थियों में ये रहे विजेता
कार्यक्रम सचिव पुष्पेंद्र जैन ने बताया कि स्वतंत्र चित्रकार वर्ग में विनायक मेघवाल प्रथम, रेखा सोनी द्वितीय और निशित पांड्य तृतीय रहे। सांत्वना पुरस्कार राकेश कुमार शर्मा, शंकर सिंह राजावत, संगीता कुमारी, नवनीत राठौर और सुरेंद्र भारद्वाज को दिया गया।
मूर्तिकार वर्ग में जयप्रकाश प्रथम, अनीश कुमार द्वितीय और सुमन गोदीवाल तृतीय रहे। विद्यार्थी वर्ग में रिषिका नागर प्रथम, नीतू गौत्तम द्वितीय और सपना जांगिड़ तृतीय रहीं। सांत्वना पुरस्कार हिवरा जगानी, रिया शेखावत, सुशांत सिंह, अजय लौहार और सुमन कुमावत को प्रदान किए गए।
आयोजन में समिति के सदस्यों का रहा योगदान
आयोजन को सफल बनाने में अब्दुल मंजिद, जसवंत सिंह नरूका, हनुमान सिंह खरेड़ा, पुष्पेंद्र जैन, शाहिद नकवी, पुरुषोत्तम सोनी, डॉ. साधना सिंह, महेंद्र चौधरी, महेंद्र वर्मा, जितेंद्र रघुवंशी, ताराचंद शर्मा, नरेंद्र साहू, अनिल शर्मा, उमेश साहू, शाइस्ता खान, प्रदीप जोनवाल, डॉ. राजकुमार मीणा सहित समिति के सदस्यों का योगदान रहा।




