कैफे-3 के नए नियम, EV सस्ती होंगी:नई पेट्रोल-डीजल गाड़ियों का माइलेज 30 kmpl करना होगा, कंपनियों को 5 साल का समय मिला

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आने वाले दिनों में ईवी सस्ती हो सकती है। वहीं पेट्रोल-डीजल गाड़ियों में ज्यादा माइलेज मिल सकता है। केंद्र सरकार ने पैसेंजर गाड़ियों के लिए CAFE-3 नियमों की घोषणा कर दी है। ये नियम 1 अप्रैल 2027 से 31 मार्च 2032 तक लागू रहेंगे।

इन नियमों का मुख्य मकसद गाड़ियों का माइलेज बढ़ाना और प्रदूषण को कम करना है। ऐसे में ऑटो कंपनियों को पोर्टफोलियो में ज्यादा माइलेज देने वाली पेट्रोल-डीजल कारों के साथ-साथ EV और हाइब्रिड गाड़ियों की हिस्सेदारी बढ़ाना जरूरी होगा।

ज्यादा से ज्यादा ईवी बेचने के लिए कंपनियां बजट और किफायती ईवी मॉडल्स लॉन्च करेंगी। बाजार में जब टाटा, महिंद्रा, हुंडई, मारुति और एमजी जैसी कंपनियों के बीच सस्ती ईवी बेचने की होड़ मचेगी, तो आक्रामक प्राइसिंग का सीधा फायदा ग्राहकों को मिलेगा।

CAFE 2 के मुकाबले CAFE 3 में क्या बदल रहा है?

मौजूदा नियम (CAFE 2): मौजूदा CAFE 2 नियम अप्रैल 2022 से लागू हैं। सरकार यह नियम किसी एक कार पर नहीं, बल्कि कंपनी की बिकी सभी कारों के कुल औसत पर लागू करती है। गाड़ियां जितनी भारी होंगी, तेल की खपत उतनी ज्यादा होगी।

इसलिए सरकार ने माइलेज का लक्ष्य तय करने के लिए कारों का एक पैमाना यानी औसत वजन 1,082 किलो तय किया है। इस वजन को आधार बनाकर कंपनियों को लक्ष्य दिया गया है कि उनकी सभी कारों का औसत माइलेज 20.92 किमी/लीटर होना चाहिए। साथ ही, उनसे निकलने वाला प्रदूषण 113 ग्राम प्रति किमी से कम होना जरूरी है।

नए नियम (CAFE 3): 1 अप्रैल 2027 से लागू होने वाले नियमों के तहत 2027 से 2032 के बीच कंपनियों के बेड़े का औसत कार्बन उत्सर्जन घटाकर 91.7 ग्राम प्रति किमी तक लाना होगा। अभी यह सीमा 113 ग्राम प्रति किमी है, यानी प्रदूषण में 19% की कटौती करनी होगी।

इसके साथ ही कंपनियों को 2027 में गाड़ियों का औसत माइलेज कम से कम 25 किमी/लीटर का करना होगा। इसे हर साल कड़ा करते हुए 2031-32 तक लगभग 30 किमी/लीटर तक ले जाना होगा। कंपनियों को यह लक्ष्य 5 साल में हासिल करना होगा।

ईवी और हाइब्रिड कारों पर मिलेगा ‘सुपर-क्रेडिट’ का फायदा

प्रदूषण घटाने वाली गाड़ियों की बिक्री बढ़ाने के लिए सरकार ने ‘सुपर-क्रेडिट’ देने का नियम बनाया है। यानी, कंपनी जितनी इको-फ्रेंडली गाड़ियां बेचेगी, रिकॉर्ड में उनकी गिनती ज्यादा मानी जाएगी। इससे कंपनियों के लिए अपना टारगेट पूरा करना आसान हो जाएगा:

  • प्योर इलेक्ट्रिक कार (EV): 3 गुना क्रेडिट मिलेगा। यानी अगर कंपनी 10,000 ईवी बेचेगी, तो सरकारी हिसाब में उसे 30,000 गाड़ियां गिना जाएगा।
  • प्लग-इन हाइब्रिड और फ्लेक्स-फ्यूल हाइब्रिड: 2.5 गुना क्रेडिट मिलेगा।
  • स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारें: 1.6 गुना क्रेडिट मिलेगा।
  • फ्लेक्स-फ्यूल कारें: 1.1 गुना क्रेडिट मिलेगा।

पेट्रोल-डीजल कारों के लिए 12 आधुनिक तकनीकों को मंजूरी

कंपनियों के लिए सिर्फ इलेक्ट्रिक गाड़ियां बेचना ही जरूरी नहीं होगा। वे अपनी पेट्रोल-डीजल कारों में आधुनिक तकनीक लगाकर भी कार्बन उत्सर्जन के तय लक्ष्य में 9 ग्राम प्रति किमी तक की छूट ले सकती हैं।

  • इंजन स्टार्ट-स्टॉप: ट्रैफिक में रुकते ही इंजन बंद और चलते ही चालू; फ्यूल की बचत।
  • TPMS: टायरों में हवा कम होने का अलर्ट; माइलेज रहता है दुरुस्त।
  • रीजेनरेटिव ब्रेकिंग: ब्रेक लगाने पर पैदा हुई एनर्जी से चार्ज होती है बैटरी।
  • 6+ स्पीड गियरबॉक्स: तेज रफ्तार में भी इंजन पर लोड और तेल की खपत कम।
  • 12V/48V अल्टरनेटर: कम ईंधन खर्च में बैटरी और पार्ट्स को पावर सप्लाई।
  • 12V/48V मोटर-जनरेटर: पिकअप के समय इंजन को एक्स्ट्रा पावर सपोर्ट।
  • एलईडी लाइट्स: सामान्य बल्ब से कम बिजली खपत; इंजन पर घटता है लोड।
  • एडवांस ग्लासिंग: केबिन में धूप और गर्मी रोककर एसी का लोड घटाते हैं खास शीशे।
  • इलेक्ट्रिक वॉटर पंप: बैटरी से चलकर इंजन की ताकत बचाता है।
  • हाई-एफिशिएंसी एसी: कम पावर खर्च में केबिन को तेजी से ठंडा करता है।
  • सोलर-रिफ्लेक्टिव पेंट: धूप को रिफ्लेक्ट कर कार की बॉडी को गर्म होने से बचाता है।
  • स्मार्ट रेडिएटर फैन: इंजन की जरूरत के मुताबिक स्पीड तय कर बिजली बचाता है।

क्या हैं CAFE नियम और कैसे होती है इनकी गणना?

CAFE यानी कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल इकोनॉमी कार कंपनियों के लिए सरकार के तय माइलेज और प्रदूषण के नियम हैं। इसके तहत किसी एक साल में कंपनी की बिकी सभी गाड़ियों के औसत वजन, तेल की खपत और उनसे निकलने वाले धुएं को मिलाकर कुल स्कोर निकाला जाता है।

इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि कंपनी की हर एक कार को तय माइलेज देना ही होगा। बल्कि कंपनी की बेची गई सभी छोटी कारों, बड़ी एसयूवी, हाइब्रिड और ईवी का ‘कुल औसत’ (ओवरऑल एवरेज) सरकार के तय नियमों के अंदर होना चाहिए।

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