
अगर आप इन दिनों कहीं निवेश करने का प्लान बना रहे हैं तो पोस्ट ऑफिस की किसान विकास पत्र स्कीम के बारे में जान लेना चाहिए। इसमें 7.5% ब्याज मिल रहा है। हम आपको इस स्कीम के बारे बता रहे हैं…

किसान विकास पत्र स्कीम है क्या?
किसान विकास पत्र भारत सरकार की स्मॉल सेविंग स्कीम है। ये एक तरह की फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम यानी FD ही है। इसमें आपको कम से कम ढाई साल यानी 30 महीने के लिए निवेश करना होता है। इसमें ढाई साल का लॉक इन पीरियड रखा गया है। यानी आप इतने साल तक इस स्कीम से पैसा नहीं निकाल सकते।
- इस योजना में निवेश की गई राशि निश्चित टाइम लिमिट में दोगुनी हो जाती है। अभी इस स्कीम की मैच्योरिटी पीरियड 115 महीने (करीब 9 साल 7 महीने) है।
- यह अवधि ब्याज दर के अनुसार समय-समय पर बदल सकती है। इसमें निवेश की न्यूनतम राशि 1,000 रुपए है और इसकी कोई अधिकतम सीमा तय नहीं है।
किसान विकास पत्र में ब्याज दर और रिटर्न कैसे तय होता है?
KVP पर ब्याज दर सरकार हर तिमाही में तय करती है। अभी 7.5% सालाना चक्रवृद्धि ब्याज मिल रहा है। चक्रवृद्धि ब्याज का मतलब है कि हर साल मिलने वाला ब्याज मूलधन में जुड़ जाता है और अगले साल उसी पर ब्याज मिलता है। इसी वजह से तय समय पूरा होने पर निवेश राशि दोगुनी हो जाती है।

लम्बे समय के निवेश के लिए बेहतर
यह योजना खासतौर पर उन निवेशकों के लिए बेहतर मानी जाती है, जो जोखिम से बचना चाहते हैं और स्थिर रिटर्न चाहते हैं। यह निवेश विकल्प इन लोगों के लिए ज्यादा उपयोगी हो सकता है-
- जो लोग सुरक्षित निवेश चाहते हैं।
- जो निवेशक लंबी अवधि (लॉन्ग टर्म) में मुनाफा चाहते हैं।
- जो फिक्स रिटर्न पसंद करते हैं।
- जो बाजार के जोखिम से बचना चाहते हैं।
कोई भी भारतीय कर सकता है निवेश
कोई भी भारतीय नागरिक इस स्कीम में पैसा लगा सकता है। किसान विकास पत्र में निवेश करने वाले की उम्र कम से कम 18 साल होना जरूरी है। हालांकि नाबालिग की तरफ से अभिभावक यानी गार्जियन इसमें निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा इसमें जॉइंट अकाउंट भी खोला जा सकता है। आप किसी भी पोस्ट ऑफिस और बैंक में ऑनलाइन या ऑफलाइन जाकर इसमें निवेश कर सकते हैं।






