
जिले में 5 से 7 अक्टूबर तक चलाए गए तीन दिवसीय निरीक्षण अभियान में पैकेजिंग और तौल व्यवस्था से जुड़ी कई कमियां सामने आईं। विधिक माप विज्ञान अधिकारी महेंद्र चौधरी ने बताया कि अभियान में अरिहंत फ्लोर मिल, जिंदल प्रोडक्ट पॉइंट, श्री ओम फूड प्रोडक्ट्स, मोतीलाल कमलेश कुमार, देवली, डाबर इंडिया प्रा. लिमिटेड, भारद्वाज ऑयल इंडस्ट्रीज, रेकॉन ऑयल इंडस्ट्रीज सहित अन्य फर्मों की जांच की गई।

नियमों के उल्लंघन पर कुल 16,500 रुपए का जुर्माना लगाया गया। जांच में अरिहंत फ्लोर मिल और मोतीलाल कमलेश कुमार के यहां पैकेजिंग रजिस्ट्रेशन नहीं मिला। दोनों पर कुल 10 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। वहीं जिंदल, भारद्वाज, रेकॉन और अमित इंडस्ट्रीज पर सत्यापन प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं करने तथा कांटों का सत्यापन नहीं होने पर कुल 6,500 रुपए की कार्रवाई की गई। हालांकि जांच में सभी फर्मों के उत्पादों का नेट कंटेंट सही पाया गया।
मेडिकल प्रतिष्ठानों में व्यवस्थाएं मिलीं सही
अभियान के अंतिम दिन मेडिकल उपकरणों की पैकेजिंग से जुड़े हरिओम एंटरप्राइजेज, अंकित मेडिकल्स, मधुबन मेडिकोज और श्री लक्ष्मी मेडिकोज का निरीक्षण किया गया। यहां पैकेजिंग संबंधी घोषणाएं और अन्य व्यवस्थाएं नियमों के अनुरूप और संतोषजनक मिलीं। विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा के लिए आगे भी नियमित जांच और निरीक्षण जारी रखा जाएगा।




