DU ने नए पीजी सिलेबस से दिल्ली सल्तनत पेपर हटाया:38 प्रस्तावित पेपर्स में से 16 किए शामिल, प्राचीन भारत के कई पेपर भी आउट

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दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के इतिहास विभाग के पोस्टग्रेजुएट कोर्स के नए सिलेबस को लेकर विवाद शुरू हो गया है। नए सिलेबस में मध्यकालीन भारत के इतिहास से जुड़े कुछ खास विषयों को जगह नहीं मिली है। इनमें दिल्ली सल्तनत पर पढ़ाया जाने वाला प्रमुख पेपर The Delhi Sultanate: Structures of Authority in Medieval North India पेपर भी शामिल है।

दिल्ली सल्तनत भारत में 13वीं और 14वीं शताब्दी के शासन को दिखाता है। इसी के पतन के बाद मुगलों का दौर आया था। यह MA History के तीसरे सेमेस्टर में पढ़ाया जाता था। यह बदलाव 2026-27 के पीजी हिस्ट्री प्रोग्राम से जुड़ा है।

फाइनल सिलेबस का नोटिफिकेशन 7 अगस्त को जारी किया गया था। इसमें ये कोर्स शामिल नहीं थे। 2020 में न्यू एजुकेशन पॉलिसी आने के बाद यूनिवर्सिटी ने कई कोर्सेस में बदलाव किए हैं।

यह पेपर लंबे समय से छात्रों को मध्यकालीन उत्तर भारत में सत्ता, शासन व्यवस्था और सामाजिक बदलावों को समझने में मदद करता रहा है। इस विषय में मध्यकालीन भारत में राज्य व्यवस्था के विकास, सत्ता के स्वरूप और राजनीतिक व सामाजिक बदलावों का अध्ययन कराया जाता था

इसके अलावा उत्तर भारत के इतिहास से जुड़े एक अन्य पेपर को भी तीसरे सेमेस्टर के फाइनल सिलेबस से हटा दिया गया है। विभाग द्वारा प्रस्तावित कई अन्य पेपर भी फाइनल लिस्ट में शामिल नहीं किए गए हैं।

सेमेस्टर थर्ड में शामिल न किए जाने वाले 5 मेन पेपर

  1. The Delhi Sultanate: Structures of Authority in Medieval North India (13th–14th Centuries)
  2. History of North India, c. 1400–1550
  3. Gender and Women in Early India: 1500 BCE–1000 CE
  4. Political Processes and Structure of Polities in Ancient India
  5. Religion and Society in Ancient Indian Literature

38 प्रस्तावित पेपर में से 16 को मिली जगह

नए सिलेबस में सिर्फ मध्यकालीन इतिहास से जुड़े विषय ही नहीं, बल्कि प्राचीन भारत के कई पेपर भी शामिल नहीं किए गए हैं। इनमें प्राचीन भारत में जेंडर और महिलाओं का इतिहास, प्राचीन भारत में राजनीतिक व्यवस्था और प्राचीन साहित्य में धर्म और समाज जैसे विषय शामिल हैं।

कुछ पेपर अभी भी चर्चा के तहत

जानकारी के अनुसार, इतिहास विभाग ने कुल 38 DSE (Discipline Specific Elective) पेपर प्रस्तावित किए थे। हालांकि, तीसरे सेमेस्टर के फाइनल सिलेबस में इनमें से केवल 16 पेपर ही रखे गए हैं। रिकॉर्ड के मुताबिक, कई विषय सिलेबस की मंजूरी प्रक्रिया में पास भी हुए थे, लेकिन 7 अगस्त को जारी फाइनल नोटिफिकेशन में उन्हें जगह नहीं मिली। कुछ पेपर अभी भी चर्चा के तहत या चर्चा नहीं हुई की स्थिति में हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह संशोधन पीजी पाठ्यक्रम फ्रेमवर्क (PGCF 2024) और NEP के अनुरूप किया गया है। इससे पहले 2023 में भी यूनिवर्सिटी ने अंडरग्रेजुएशन छात्रों के कुछ पेपर्स के सिलेबस में बदलाव किया था।

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