
निवाई में किसानों से अभद्र व्यवहार, ज्यादा पैसे वसूलने और दूसरे उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर करने की शिकायतों पर कृषि विभाग ने कार्रवाई की है। विभाग ने मैसर्स हनुमान बीज भंडार, निवाई का खुदरा उर्वरक लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। ये कार्रवाई संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) और अधिसूचित प्राधिकारी (उर्वरक) जिला परिषद टोंक रामलाल जाट के आदेश पर हुई है।

आदेश में बताया गया है कि फर्म के खिलाफ कई शिकायतें मिली थीं। इनमें किसानों से दुर्व्यवहार, तय दर से ज्यादा पैसे लेना और उन्हें जबरदस्ती दूसरे सामान खरीदने के लिए मजबूर करना शामिल था।
अनियमितताओं के चलते जारी किए आदेश इसके अलावा, किसानों द्वारा ऑनलाइन यूरिया बुक करने के बाद भी उन्हें यूरिया नहीं दिया गया या बुकिंग के मुकाबले कम बैग दिए गए। इन सभी अनियमितताओं का जिक्र भी आदेश में है।
कृषि विभाग ने फर्म के मालिक को अगले आदेश तक खाद की खरीद-बिक्री नहीं करने का निर्देश दिया है। साथ ही, फर्म के पास मौजूद खाद के स्टॉक की बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है। विभाग ने फर्म की रिटेल आईडी 845724 को बंद करवाने के लिए कृषि आयुक्तालय जयपुर को भी पत्र लिखा है।
आदेश में फर्म के मालिक को 7 दिन के अंदर ये बताने को कहा गया है कि उनका खाद लाइसेंस रद्द क्यों न किया जाए। फर्म का खुदरा खाद लाइसेंस नंबर 2048, जो 1 सितंबर 2011 को जारी हुआ था और 29 अगस्त 2030 तक वैध था, उसे अभी निलंबित किया गया है।
विभाग ने जिले के थोक खाद विक्रेताओं और कंपनी प्रतिनिधियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे अगले आदेश तक हनुमान बीज भंडार को खाद की सप्लाई न करें। इस आदेश की कॉपी संबंधित कृषि अधिकारियों और खाद निरीक्षकों को भी भेजी गई है।






